
दिल्ली | युवा फिक्की महिला संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने आजराष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी से भेंट की।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने युवा फिक्की महिला संगठन (वाईएफएलओ) को एक महत्वपूर्ण ध्येय के प्रति उसके उत्साह और प्रोत्साहन के लिए बधाई दी।
राष्ट्रपति ने कहा कि एक समाज, जो महिलाओं का सम्मान नहीं कर सकता है उसे एक सभ्य समाज नहीं कहा जा सकता। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण को एक आवश्यक कदम बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है महिलाओं की शिक्षा, जिससे महिलाओं को अपनी परेशानी समझने में मदद मिलने के साथ-साथ परेशानी सुलझाने में भी मदद मिलेगी। दूसरा कदम है आर्थिक स्वतंत्रता।
उन्होंने कहा कि कई मौको पर महिलाओं के योगदान के आर्थिक मूल्य पर प्रकाश नहीं डाला गया। महिलाओं ने भी कई सेवाओं के माध्यम से योगदान दिया है। तीसरा पहलू जो इस संदर्भ में महत्वपूर्ण है, वह है विभिन्न कानूनों के माध्यम से महिलाओं को प्राप्त कानूनी अधिकारों का प्रभावी ढंग से कार्यान्वयन करना है। चौथा इस संबंध में सामाजिक जागरूकता का सृजन करना है। राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकार प्रदान करने और उन्हें सशक्त बनाने में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी आवश्यक है।
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