
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अखिलेश सरकार के चर्चित ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की जमीनों के अधिग्रहण और मुआवजे के जांच के आदेश दिए हैं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे मामले में शिकायतें मिलने के बाद योगी सरकार ने एक्सप्रेस-वे के किनारे के 10 जिलों के डीएम को पत्र लिखकर जांच करने को कहा है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की जांच के आदेश मिलते ही सरकारी अधिकारियों के पसीने आ गए हैं।
प्रदेश सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दस जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजाकर पिछले 18 महीने में हुए जमीन खरीद के हर मामले की रिपोर्ट मांगी है। जिलाधिकारयों के जांच दायरे में एक्सप्रेस-वे के किनारे के करीब 230 गांव आएंगे। आरोप ये भी है कि कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए उनकी कृषि जमीन को रिहाइशी जमीन की श्रेणी में दिखाया गया है, ताकि उन्हें सरकार से ज्यादा मुआवजा मिल सके। इस एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता की जांच के लिए केन्द्रीय संस्था RITES से भी संपर्क किया गया है।
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