सिविल सर्विस डे पर पीएम मोदी ने कहा कि ,अपनी ताकत पहचानें अफसर


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नई दिल्‍ली। सिविल सर्विस डे के दूसरे दिन पीएम मोदी ने आईएएस अधिकारियों को संबोधित किया। उन्‍होंने इस मौके पर कश्‍मीर को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्‍होंने कहा कि कश्‍मीर में हमारे फौजी अपनी जान पर खेलकर लोगों की रक्षा करते हैं। इससे इतर वह पत्‍थ्‍र भी खाते हैं। सिविल सर्विस डे पर पीएम मोदी ने अफसरों को आत्‍मचिंतन करने को भी क‍हा।सिविल सर्विस डे पर पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी को आत्मचिंतन करना चाहिए, इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतनी चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि 20 साल पहले और आज के हालात में काफी अंतर है। मोदी ने कहा कि अफसरों को शक्ति का अहसास होना चाहिए।

 

इस मौके पर मोदी ने कहा कि पिछले 15-20 वर्षों में कार्यशैली का तरीका बदला है, अब हमारी जिम्मेदारी बढ़ गई है। पीएम ने कहा कि अब लोगों के पास कई तरह के विकल्प मौजूद हैं। हमारी चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें भी अपनी कार्यशैली को बदलना होगा। सरकार के रहते हुए लोगों को बोझ का एहसास नहीं होना चाहिए।

मोदी ने कहा कि मैं चाहता हूं कि अगले एक साल में काम की क्वालिटी में बदलाव होना चाहिए, सिर्फ सर्वश्रेष्ठ होने से काम नहीं चलता है। अगर सर्वश्रेष्ठ होने का ठप्पा आप पर लगा है तो उसे आदत बनाना जरुरी है।

मोदी ने कहा कि अफसरों को गृहणियों से काफी कुछ सीखने की जरुरत है, वह किस तरह परेशानियों के बावजूद सभी चीजों को मैनेज करती है। मोदी ने कहा कि गृहिणी परिवार को नई ऊंचाई पर ले जाती है, वही जिम्मेदारी आपकी भी है। पीएम ने कहा कि वरियता क्रम का बोझ अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा है, हमें अपने अनुभव को बोझ नहीं बनने देना चाहिए।मोदी ने कहा कि मैं सोशल मीडिया की ताकत को जानता हूं, सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जागरुक किया जा सकता है। जिला लेवल के अफसर भी इसका फायदा उठा सकते हैं, वह अफसर इसका फायदा भी उठा रहे हैं।

मोदी ने कहा कि अफसरों की काफी ताकत है, आपके साइन बहुत कुछ बदलता है. उन्होंने कहा कि देश की शासन व्यवस्था अफसरों की ऊंगलियों पर मौजूद है। आपको अभाव के बीच भी रास्ते खोजने होंगे। मोदी ने कहा कि अफसरों को अपने हर निर्णय को राष्ट्रहित के तराजू में तौलना चाहिए। इस बात में कभी भी कमी नहीं आनी चाहिए।

 

मोदी ने कहा कि सरकार आती जाती रहेगी, लेकिन व्यवस्था वहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि हमनें बजट के साथ आउटकम डॉक्यूमेंट भी लाये, ये पहली बार हुआ है। आउटपुट सीएजी के लिए अच्छा, लेकिन आउटलुक सीएजी प्लस से भी अच्छा. मोदी ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद ये पहली बार हुआ कि बजट 1 फरवरी को पेश हुआ और 1 अप्रैल तक उसकी सभी प्रक्रिया पूरी हो गई है।


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