मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत 300 नई इकाइयां स्थापित कराई जायेंगी


उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की बैठक ,प्रदेश के 3000 परंपरागत कारीगरों को विद्युत चालित चाक वितरित करने का लक्ष्य

माटी कला मुख्यमंत्री जी का ड्रीम प्रोजेक्ट-श्री ओम प्रकाश गोला प्रजापति

कुम्हारी कला के लिए मिट्टी की जितनी जरूरत है, उतना ही नये उपकरण एवं वित्तीय सहायता की भी आवश्यकता-डा0 नवनीत सहगल

अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश गोला प्रजापति एवं महाप्रबंधक डा0 नवनीत सहगल की मौजूदगी में आज उ0प्र0 खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड कार्यालय में उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की पहली बैठक हुई। बैठक में मौजूदा वित्तीय वर्ष 2022-23 में माटीकला समन्वित विकास कार्यक्रम की कार्ययोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। 
बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्रदेश में कुम्हारी कला के 3000 परंपरागत कारीगरों को विद्युत चालित चाक वितरित करने का लक्ष्य रखा गया। लगभग 1000 पात्र लाभार्थियों को उन्नतीशल मशीनों एवं उपकरणों के संचालन हेतु 03 दिवसीय निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इससे 9000 रोजगार अतिरिक्त सृजित होंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत 300 नई इकाइयां स्थापित कराई जायेंगी, जिससे 4200 रोजगार सृजन का अनुमान है। इसके अतिरिक्त यह भी निर्णय लिया गया कि विपणन विकास सहायता योजना के अंतर्गत जनपद स्तर पर तीन दिवसीय एवं मुख्यालय स्तर पर 10 दिवसीय माटीकला मेले का आयोजन किया जाये। 
इस अवसर पर श्री प्रजापति ने कहा कि माटी कला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। सभी को मिलकर माटीकला बोर्ड को शीर्ष तक पहुंचाना है। उन्होंने बोर्ड के सभी सदस्यों से अपेक्षा करते हुए कहा कि वे अपने आवंटित जनपदों में स्थापित विद्यालयों में जाकर बच्चों को मिट्टी से बने बर्तनों से होने वाले फायदे के बारे में बतायें कि इनके उपयोग से ग्लोबल वार्मिंग को कैसे कम किया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मिट्टी से बनने वाले सजावटी उत्पादों को प्राथमिकता दी जाय। चीन से आने वाले मिट््टी के सामानों का विकल्प तैयार कराया जाय। विभिन्न प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को जागरूक करें कि वे अधिक से अधिक मिट्टी से बने सामानों का उपयोग करें। 
डा0 नवनीत सहगल ने कहा कि कुम्हारी कला के लिए मिट्टी की जितनी जरूरत है, उतना ही नये उपकरण एवं वित्तीय सहायता की भी आवश्यकता है। सरकार कारीगरों को उद्यम लगाने के लिए प्रोजेक्ट लागत का 25 प्रतिशत अनुदान दे रही है। साथ ही बैंक की अपेक्षा कम ब्याज पर ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुम्हारों को प्रशिक्षण के  साथ नई तकनीक की भट्ठी मुफ्त में दी जायेगी। मूर्ति बनाने के लिए साचें दिये जायेंगे। तालाब से मिट्टी निकालने के लिए निःशुल्क पट्टे देने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में आयोजित होने वाले प्रत्येक खादी मेले में माटीकला के लिए अलग से स्टाल लगाये जायेंगे। 
बैठक में बोर्ड के सभी 10 सदस्य एवं वित्त, नियोजन, श्रम तथा राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। 

जनपद एवं मण्डल के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।


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