
लखनऊ | भाजपा प्रदेश अध्यक्षकेशव प्रसाद मौर्य ने कल अध्यापकों के शान्तिपूर्ण धरने पर बर्बर लाठीचार्ज में हुई अध्यापक की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए सरकार के इस कृत्य की कड़ी निन्दा की हैं। श्री मौर्य ने अखिलेश सरकार पर घटना को लेकर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि अखिलेश राज्य में शासन-प्रशासन पूरी तरह से फेल हैं। सरकार को एक क्षण़ भी सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। सरकार के पास पहले ही धरना प्रदर्शन की जानकारी थी। इसके बावजूद प्रदर्शन को शान्तिपूर्ण तरीके से नियंत्रित न कर पाना सरकार की प्रशासनिक अक्षमता है। श्री मौर्य ने दिवंगत शिक्षक के परिजनों को 50 लाख रूपये मुआवजे के साथ घायल शिक्षकों को निःशुल्क इलाज तथा 5-5 लाख रूपये मुआवजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारी शिक्षकों पर लाठीचार्ज का आदेश देने वाले हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
श्री मौर्य ने मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव द्वारा नोटबन्दी पर मृतक अश्रितों को 2 लाख रूपये दिये जाने की घोषणा को महज नाटक बताते हुए कहा कि किसानों को अखिलेश सरकार ओलावृष्टि और सूखा राहत तक का पैसा तो अब तक बांट नहीं पायी, धान क्रय केन्द्र नहीं खुले, गन्ना मिले चालू नहीं हुई, किसान बदहाल है, किसान आत्महत्या कर रहा हैं उसकी चिन्ता मुख्यमंत्री जी को नहीं है। युवकों को रोजगार नहीं हैं, नौकरियों में भारी भ्रष्टाचार के कारण योग्य अभ्यर्थियों को नौकरी नहीं है। मुख्यमंत्री जी को युवाओं की चिन्ता नहीं है। जमीनों पर हुए अवैध कब्जे की चिन्ता नहीं हैं। और मुख्यमंत्री जी 2017 को देख करके महज राजनैतिक घोषणाएं कर रहे है। लेकिन उत्तर प्रदेश की जनता सैफई परिवार की के सच को जानती हैं और वह किसी भ्रम में आने वाली नहीं है।
भाजपा अध्यक्ष ने राज्यकर्मियों के केन्द्र सरकार को बराबर वेतनमान पर शीघ्र निर्णय लिए जाने के समाचार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ तो सरकार अध्यापकों को पेंशन की मांग पर बर्बर लाठीचार्ज करती है और मौत के मंुुह में ठकेल देती है और दूसरी तरफ केन्द्र सरकार के बराबर सुविधा देने की बात करना हास्यास्पद एव विरोधाभाषी है।
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