नयी दिल्ली: गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज वायदा किया कि सरकार अगले साल देश में अधिक शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल सुनिश्चित करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं की सुरक्षा शीर्ष प्राथमिकता होगी। वर्ष 2015 के समापन के नजदीक आ जाने के साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस साल सुरक्षा परिदृश्य में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है, खासकर जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर क्षेत्र में।
राजनाथ ने कहा, हम देश में शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल होने की कामना करते हैं। महिलाओं की सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता रही है। हम अपराध और हिंसा के गिरती दर को 2016 में और भी कम करना चाहते हैं। गृहमंत्री ने 2015 को अपने मंत्रालय के लिए उल्लेखनीय वर्ष करार दिया।
उन्होंने कहा, सुरक्षा परिदृश्य में काफी सुधार हुआ है। जम्मू कश्मीर और वाम उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में हिंसक घटनाओं में कमी आई है। सुरक्षा माहौल में सुधार के लिए हमने कई कदम उठाए हैं और पहल की हैं। राजनाथ ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की जांच तेज करने के लिए 2015 में जांच इकाइयां गठित करना नरेंद्र मोदी सरकार के इरादों और महिलाओं की सुरक्षा के प्रति उसकी चिंता का एक संकेत है। उन्होंने कहा, पुलिस बलों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण करना भी 2015 का एक महत्वपूर्ण कदम है। गृहमंत्री ने कहा कि अग्रसक्रिय कदमों की वजह से भारत-बांग्लादेश सीमा से पशुओं की तस्करी में कमी आई है।
राजनाथ ने कहा कि गृह मंत्रालय के अधीन अर्धसैनिक बलों के पहरे वाली अन्य अंतरराष्ट्रीय सीमाएं अपेक्षाकृत शांत रहीं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय 2016 में राष्ट्रीय आपात स्थिति मोचन प्रणाली (एनईआरएस) स्थापित करने की योजना बना रहा है जिसका टेलीफोन नंबर 112 होगा। इस पर सभी आपातकालीन कॉल प्राप्त की जाएंगी और आपातकालीन सहायता मांगने वाले नागरिकों की मदद के लिए तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
राजनाथ ने कहा कि अगले साल भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की स्थापना कर साइबर सुरक्षा नेटवर्क को और मजबूत बनाया जाएगा। कच्छ के रण में हाल में संपन्न पुलिस महानिदेशकों के सम्मेलन में गृहमंत्री ने सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन फोरमों के जरिए युवाओं के चरमपंथ की चपेट में आने पर गंभीर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस की गतिविधियां भारत में देखी गई हैं।
राजनाथ ने आईएसआईएस के खतरे पर रोक लगाने के लिए केंद्र और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया था और कहा था कि आतंकी संगठन भारत के पड़ोस- बांग्लादेश और अफगानिस्तान में अपने कदम मजबूत करने की कोशिश करता रहा है। गृहमंत्री ने कहा था कि जम्मू कश्मीर में इस साल सुरक्षा स्थिति पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर रही। उन्होंने कहा था कि वाम उग्रवाद प्रभावित राज्यों में स्थिति तेजी से सुधर रही है लेकिन समस्या से निपटने के लिए बहु आयामी पहल की आवश्यकता है।
राजनाथ ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत रूचि लिए जाने से इस साल नगा समस्या के समाधान के लिए आधारभूत ढांचा स्थापित हुआ है। राजनाथ ने पिछले हफ्ते ईसाई नेताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि सरकार ईसाई समुदाय के साथ कोई अन्याय नहीं होने देगी । उन्होंने ईसाई नेताओं से कहा कि वे कोई भी समस्या होने पर सीधे उन्हें अवगत करा सकते हैं। गृहमंत्री ने कैथोलिक बिशप्स कान्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) द्वारा क्रिसमस पर आयोजित रात्रिभोज में कहा था, मैं बिशपों और कार्डिनलों से कहना चाहता हूं कि यदि आपको कोई समस्या हो रही है तो आप मुझसे सीधे संपर्क कर सकते हैं। मैं आपके मुद्दों का समाधान करने की कोशिश करूंगा। उन्होंने कहा था, मैं आपके साथ अन्याय नहीं होने दूंगा। राजनाथ ने कहा था, मैं हमेशा आपके साथ रहा हूं, मैं आपके साथ हूं और आपके साथ रहूंगा। केवल मैं ही नहीं, प्रधानमंत्री और पूरी सरकार आपके साथ है।
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