लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा है कि रोजगार सेवकों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने हेतु कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाये, जिसमें सम्बन्धित विभागों के प्रमुख सचिवों को भी सदस्य के रूप में नामित किया जाये। उन्होंने कहा कि गठित समिति रोजगार सेवकों की मांगों एवं विभिन्न विभागों के कार्यों की आवश्यकताओं की जानकारी रखते हुये अपनी संस्तुति यथाशीघ्र प्रस्तुत करेगी।
मुख्य सचिव ने यह निर्देश आज अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेल्फेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में 05 सदस्यीय दल से हुई वार्ता में दिये हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम रोजगार सेवक मनरेगा योजनाओं के कार्यों का क्रियान्वयन कराने में पूर्व की भांति अपने दायित्वों का निर्वहन परिश्रम से करके मनरेगा योजना से पात्र लोगों को लाभान्वित करवायें। ग्राम रोजगार सेवक वेल्फेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि हमारे द्वारा ग्राम सभा स्तर पर विभिन्न विभागों यथा पंचायतीराज, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास, पंचायत चुनाव, एस.ई.सी.सी.आदि समस्त योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग कर जनता को सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ग्राम पंचायतध्विकास अधिकारियों की कमी होने के कारण एक विकास अधिकारी द्वारा 08 से 12 ग्राम पंचायतों का काम देखा जा रहा है। इस कार्य को करने में ग्राम रोजगार सेवक अहम भूमिका निभा रहे हैं।
ग्राम रोजगार सेवक वेल्फेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा हमारी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार किये जाने के फलस्वरूप हड़ताल समाप्त कर कार्य पर वापस जाने का निर्णय लेते हुये यह आश्वस्त किया है कि प्रदेश सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में और अधिक भागीदारी सुनिश्चित कराकर ग्रामवासियों को लाभान्वित करायेंगे।
वार्ता में कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीर कुमार, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास दीपक त्रिवेदी, आयुक्त ग्राम्य विकास कामरान रिजवी, एसोसिएशन के महामंत्री राजवीर सिंह, सदस्य आदित्य सिंह चैहान, आकाश त्रिपाठी एवं उत्तम सिंह सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी एवं एसोसिएशन के सदस्य उपस्थित थे।
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