नई दिल्ली। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को राजीव गांधी हत्याकांड के दोषियों की सजा माफ करने और उन्हें रिहा करने के तमिलनाडु सरकार के फैसले पर कहा कि इस मामले में शीर्ष अदालत के निर्णय को मानना हम सब की संवैधानिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है।
गुरुवार सुबह कांग्रेस सदस्यों ने तमिलनाडु सरकार के निर्णय पर लोकसभा में एतराज व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे किसी कदम से देश की अखंडता और एकता पर आघात लगेगा और गृह मंत्री को इस बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए।
प्रश्नकाल के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें तमिलनाडु सरकार का पत्र मिला है। पत्र पर गौर करा रहे हैं। इस मामले में शीर्ष अदालत का फैसला आ चुका है। शीर्ष अदालत के फैसले की अनुपालना करना हम सब की संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है। हमें उसके अनुसार चलना चाहिए। इससे पहले गुरुवार सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े और पार्टी के अन्य सदस्यों ने इस विषय को उठाया। खडग़े ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्या मामले में तमिलनाडु सरकार ने ऐसे लोगों की सजा को माफ करने की बात कही है जो अदालत से दोषी करार दिये गए हैं।
इस मामले में दोषियों को संविधान, सीआरपीसी के तहत दंड दिया गया है। ऐसे में राज्य सरकार का उन्हें रिहा करने की बात करना देश की एकता और अखंडता के लिए ठीक नहीं है। गृहमंत्री को इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
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