प्रदेश के 11 राज्य विश्वविद्यालयों में लागू होगी एकीकृत ईआरपी प्रणाली


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लखनऊ,।प्रथम फेज में प्रायोगिक तौर पर 11 राज्य विश्वविद्यालयों में एकीकृत इंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) प्रणाली लागू की जायेगी। एकीकृत ईआरपी प्रणाली लागू होने वाले विश्वविद्यालयों में बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय झाॅसी, लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ, (छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय सिद्धार्थनगर,डा. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद, हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय कानपुर, (मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी आॅफ टेक्नालाॅजी गोरखपुर,महात्मा ज्योेतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली, डा. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा, चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर है।

उक्त निर्णय उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालयों में ई-गवर्नेंस लागू करने के लिये प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति राज्य विश्वविद्यालय द्वारा गठित समिति ने राजभवन में अपनी एक बैठक में लिया। बैठक में समिति के अध्यक्ष प्रोविनय कुमार पाठक कुलपति डाॅ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, प्रो. सुरेन्द्र दुबे कुलपति बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, सुदीप बनर्जी विशेष कार्याधिकारी (सूचनाध्प्रौद्योगिकी) राजभवन सहित प्रमुख सचिव श्री राज्यपाल सुश्री जूथिका पाटणकर, राजवीर सिंह राठौर विशेष कार्याधिकारी (शिक्षा) राजभवन, डाॅ.सौरभ गुप्ता वरिष्ठ टेक्निकल आफिसर एन.आई.सी., एस.एफ.ए. नकवी, वरिष्ठ टेक्निकल डायरेक्टर, एन.आई.सी, डी.सी. मिश्रा, प्रोग्रामरध्टेक्निकल आफीसर, डा.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, राजीव टण्डन, वरिष्ठ परामर्शी, डा.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में उपस्थित थे।

बैठक में वर्तमान में विश्वविद्यालयों के डाटा के सुरक्षित होने तथा आवश्यकता होने पर अपेक्षित बदलाव में कठिनाई पर भी चर्चा हुई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि एकीकृत ईआरपी प्रणाली का निर्माण किया जाये तथा प्रायोगिक तौर पर इसे राज्य के 11 विश्वविद्यालयों में लागू किया जाये। ईआरपी प्रणाली की सफल होने पर भविष्य में इसे सभी विश्वविद्यालयों में लागू किया जाये। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कुलाधिपति के स्तर से भारत सरकार को पत्र प्रेषित कर एकीकृत ईआरपी प्रणाली हेतु आवश्यक ‘क्लाउड’ संसाधन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाये।

बैठक में राज्य विश्वविद्यालयों के विभिन्न कार्यों हेतु अपनायी जाने वाली कम्प्यूटरीकृत कार्यप्रणाली पर चर्चा हुई। समिति के अध्यक्ष प्रो.विनय कुमार पाठक ने राज्य विश्वविद्यालयों में एकीकृत ईआरपी प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया जिससे सभी राज्य विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया, नामांकन, परीक्षा आवेदन, प्रश्न पत्र प्रणाली, डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली, छात्र सुविधायें, शिकायत निवारण प्रणाली, ई-लर्निंग मैंनेजमेंट सिस्टम तथा ई-पुस्तकालय प्रणाली का संचालन किया जा सके। उन्होंने कहा कि एक ई-विश्वविद्यालय प्रणाली होने सेे सभी विश्वविद्यालयों के कार्यों में एकरूपता लायी जा सकती है। उन्होंने डाॅ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय लखनऊ द्वारा तैयार किये गये ईआरपी व प्रश्न पत्र सम्प्रेषण कार्य का प्रजेन्टेशन भी दिया।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रायोगिक तौर पर लागू की जाने वाली ई प्रणाली वाले 11 विश्वविद्यालयों के दो-दो शैक्षिक एवं तकनीकी विशेषज्ञ सदस्यों को आमंत्रित करते हुये आगामी 12 जून, 2017 को डा.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के सभागार में एक बैठक आहूत की जाये, जिसमें समिति के सदस्य सहित एनआईसी के अधिकारीगण भी उपस्थित रहेंगे। 12 जून, 2017 को सम्पन्न होने वाली बैठक में राज्य विश्वविद्यालयों की समान एवं विशिष्ट अथवा भिन्न (ेचमबपपिब) आवश्यकताओं पर चर्चा की जायेगी।


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