बिजली कर्मचारियों व अभियन्ताओं ने प्रान्त भर में एकात्म सभाओं के बाद नियमित कार्य प्रारम्भ किया


WhatsApp Image 2018-04-06 at 1.35.47 PM

lucknow | प्रमुख सचिव (ऊर्जा) और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बीच 05 अप्रैल की रात हुए लिखित समझौते के बाद आज प्रदेश भर में विद्युम कर्मचारियों व अभियन्ताओं ने नियमित कार्य प्रारम्भ कर दिया है। संघर्ष समिति ने कल रात समझौते के बाद नियमानुसार कार्य आन्दोलन तथा 09 अप्रैल से प्रस्तावित 72 घण्टे का कार्य बहिष्कार आन्दोलन वापस ले लिया था।

संघर्ष समिति के निर्देशों के अनुसार आज प्रदेश भर में परियोजनाओं और जनपद मुख्यालयों पर प्रातः 10 बजे बिजली कर्मचारियों व अभियन्ताओं ने एकात्म सभायें की। सभाओं में बिजली व्यवस्था में सकारात्मक सुधार हेतु प्रयासरत रहने का संकल्प लिया गया। सभाओं के माध्यम से बिजली कर्मचारियों ने अपनी एकता बनाये रखते हुए, सार्वजनिक क्षेत्र में ऊर्जा क्षेत्र को संरक्षित बनाये रखने का संकल्प लिया गया।

राजधानी लखनऊ में राणा प्रताप मार्ग स्थित हाइडिल फील्ड हाॅस्टल में बिजली कर्मचारियों व अभियन्ताओं की बड़ी सभा हुई। सभा में 05 अप्रैल को हुए समझौते का स्वागत किया गया और 07 जनपदों के निजीकरण के टेण्डर वापस लिये जाने तथा उत्तर प्रदेश में किसी भी स्थान पर कोई भी निजीकरण नहीं किये जाने सरकार के लिखित वायदे को प्रदेश के हित में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए, कर्मचारी नेताओं ने अपील की कि बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण में गुणात्मक सुधार हेतुु कर्मचारी व अभियन्ता प्रयन्तशील रहें।

संघर्ष समिति की बैठक में शैलेन्द्र दुबे, राजीव सिंह, जीके मिश्रा, राम प्रकाश, गिरीश पाण्डेय, सदरूदद्ीन राना, सुहैल आबिद, विपिन प्रकाश वर्मा, राजेन्द्र घिल्डियाल, परशुराम, पी एन राय, पूसे लाल, ए के श्रीवास्तव, महेन्द्र राय, शशिकान्त श्रीवास्तव, करतार प्रसाद, जटाशंकर मिश्र, अंकुर भारद्वाज, संदीप अग्रवाल, के के वर्मा, शिवम त्रिपाठी, ओपी सिंह, अजय द्विवेदी, शशांक चैधरी, राहुल सिंह, के एस रावत, पी एन तिवारी, आर एस वर्मा, डीके मिश्रा, पवन श्रीवास्तव, शम्भू रत्न दीक्षित, कुलेन्द्र प्रताप सिंह, मो इलियास सहित काफी कर्मचारी व अभियन्ता उपस्थित रहे।


Scroll To Top
Translate »