
लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव डाॅ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय ने निर्देश दिये हैं कि डिजिटल इण्डिया कार्यक्रम के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश को नाॅलेज आधारित प्रदेश के रूप में स्थापित करने के लिये माई गवर्मेन्ट प्लेटफार्म का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने हेतु आवश्यक कार्यवाहियां प्राथमिकता से सुनिश्चित कराई जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिये उपयोगी आधारभूत आई.टी इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवाओं को इलेक्ट्रानिक प्रणाली से आम जन-मानस को उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्यवाहियां प्राथमिकता से सुनिश्चित कराई जाएं।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में उलहवअ (माई गवर्मेन्ट) प्लेटफार्म के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभागीय अधिकारियों की बैठक कर आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि नागरिकों के डिजिटल सशक्तिकरण के उद्देश्य की पूर्ति हेतु यह अत्यन्त आवश्यक है कि नागरिकों की शासन में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित कराने हेतु एक सुदृढ़ डिजिटल प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से शासन की नीतियों, कार्यक्रमों एवं योजनाओं के सम्बन्ध में नागरिक अपने बहुमूल्य सुझाव देने के साथ-साथ जनहित के विषयों पर सार्थक चर्चा कर शासन के निर्णयों के सम्बन्ध में इच्छुक नागरिक अपना विचार व्यक्त कर सकें। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफार्म केे माध्यम से नागरिक रचनात्मकता के माध्यम से शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में अपना सहयोग प्रदान कर सकते हैं।
डाॅ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के वर्तमान युग में आपसी सम्पर्क एवं संवाद के लिये सोशल मीडिया का अधिकाधिक उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता के साथ सरकार के सुझाव के लिये यह अत्यन्त आवश्यक है कि प्रदेश में उलहवअ प्लेटफार्म के प्रभावी क्रियान्वयन में प्राथमिकता से सुनिश्चित कराई जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासन में जन-सहभागिता को बढ़ाने की दृष्टि से ऐसी संस्थागत संरचना का निर्माण उत्तर प्रदेश में भी प्राथमिकता से सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने उलहवअ प्लेटफार्म का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने हेतु सूचना विभाग को नोडल विभाग नामित करते हुये कहा कि बेहतर क्रियान्वयन कराने हेतु सूचना विभाग को आवश्यक संसाधन नियमानुसार उपलब्ध कराये जाएं।
अपर मुख्य सचिव, आई.टी. श्री आलोक सिन्हा ने बताया कि पोर्टल के सुव्यवस्थित संचालन हेतु भारत सरकार द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अन्तर्गत एक स्वतंत्र उलहवअ कार्यालय स्थापित किया गया है जिसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी है तथा शेष कर्मचारियों की सेवाएं संविदा आधार पर प्राप्त की गयी हैं। उलहवअ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय को रिपोर्ट करते हैं। उलहवअ टीम में लगभग 150 युवा एवं ऊर्जावान सदस्य हैं, जिनमें से मुख्य कार्यपालक अधिकारी को छोड़कर शेष सभी निजी क्षेत्र से संविदा आधार पर कार्यरत हैं। उलहवअ पोर्टल के लिए भारत सरकार द्वारा सब-डोमेन विकसित कर माइक्रो साइट्स बनाई जा रही हैं जिससे इसका विस्तार माॅडल पर राज्यों तक भी हो सके। पोर्टल के सभी तकनीकी विषयों पर एनआईसी सहयोगकर्ता एजेन्सी के रूप में कार्य करेगा।
श्री आलोक सिन्हा ने बताया कि माई यूपी योजना के सुचारू क्रियान्वयन हेतु 06 सदस्यों की प्रोजेक्ट मैनेजमेन्ट में-प्रोजेक्ट मैनेजर, कंसल्टेन्ट, कैपेसिटी बिल्डिंग एवं मार्केटिंग कन्सल्टेन्ट, कन्टेन्ट एक्सपर्ट, कन्सल्टेन्ट सह एम.आई.एस. एक्सपर्ट, कन्सल्टेन्ट सह बिड एक्सपर्ट होंगे। उन्होंने बताया कि योजना के क्रियान्वयन हेतु प्रोजेक्ट मैनेजमेन्ट यूनिट के चयन के उपरान्त प्रोजेक्ट मैनेजमेन्ट यूनिट द्वारा 16 सदस्यों की कन्टेन्ट टीम/सपोर्ट टीम का चयन पारदर्शी रूप से आउटसोर्सिंग आधार पर कराया जाना प्रस्तावित है। कन्टेन्ट टीम/सपोर्ट टीम का कार्यकाल 02 वर्षों हेतु होगा इसका कार्यकाल एवं सदस्यों की संख्या आवश्यकतानुरूप बढ़ाई जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि कन्टेन्ट टीम/सपोर्ट टीम में सहायक एडिटर ब्लाग, कन्टेन्ट अपडेटिंग, रिर्सचर, ऐनालिसिस एवं समरी, कन्टेन्ट राईटर, ग्राफिक्स डिजाईनर, ट्रान्सलेटर, वीडियो रिकार्डिंग/वीडियो एडिटर, फोटोग्राफर, कम्प्यूटर आॅपरेटर, आॅफिस असिस्टेन्ट, हेल्पर होंगे।
https://rashtriyadinmaan.com
