
lucknow | एस सी / एस टी संशोधन बिल विरोधी राष्ट्रीय अभियान समिति के बैनर तले कई सामाजिक संगठनों, कर्मचारी संगठनों और अनेक गण्यमान नागरिकों ने आज जी पी ओ पर सत्याग्रह कर मांग की कि व्यापक राष्ट्रहित में एस सी / एस टी संशोधन बिल को लोकसभा से तत्काल वापस लिया जाये और इस मामले में मा सर्वोच्च न्यायालय के 20 मार्च 2018 के निर्णय को न पलटा जाए | सत्याग्रह सभा मे वक्ताओं ने पदोन्नति में आरक्षण लागू करने की केंद्र सरकार की नीति का भी प्रबल विरोध किया | समिति ने एलान किया है कि संशोधन बिल एवं पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में अन्य प्रांतों के आन्दोलनकारी संगठनों से समन्वय स्थापित कर राष्ट्रव्यापी आन्दोलन चलाया जायेगा।
समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने बताया किआज के सत्याग्रह मे एक प्रस्ताव पारित कर यह माँग की गई कि समान्य व अन्य पिछडी जाति पर अत्याचार रोकने हेतु भी संसद मे बिल पारित कर एक एक्ट बनाया जाये।उन्होने कहा कि मा सर्वोच्च न्यायालय के 20 मार्च के एस सी एस टी एक्ट के विरोध में दिए गए निर्णय को निष्प्रभावी करने हेतु केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में रखे गए संशोधन बिल से देश के 78 प्रतिशत नागरिकों में भारी गुस्सा है | केन्द्र सरकार द्वारा एम् नागराज के निर्णय को पलटवाने की एवं पदोन्नति में आरक्षण लागू कराने की कोशिशों के विरोध में भी आम लोगों में जबरदस्त आक्रोश है | इसी दृष्टि से लखनऊ के कई संगठनों व् गण्यमान नागरिकों ने 04 अगस्त को बैठक कर अपना विरोध दर्ज करने हेतु एस सी / एस टी संशोधन बिल विरोधी राष्ट्रीय अभियान समिति का गठन किया और इसके बैनर तले आज लखनऊ मे सत्याग्रह कर आन्दोलन का शंखनाद किया गया है।
सत्याग्रह मे सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी,अधिकारी,शिक्षक और आम लोग सम्मिलित हुए|
सत्याग्रह सभा मे मुख्यतया शैलेन्द्र दुबे ,चंद्र प्रकाश अग्निहोत्री ,एच एन पांडेय,राजीव सिंह,असीम पांडेय ,अनुपम मिश्र ,कायम रजा रिजवी ,एस एस निरंजन ,आर बी एल यादव ,आर डी द्विवेदी , रीना त्रिपाठी ,प्रेमा जोशी ,अजय तिवारी ,राम प्रकाश ,भीष्म नारायण द्विवेदी ,अजय द्विवेदी,संदीप अग्रवाल,एस के श्रीवास्तव,जयकेश त्रिपाठी ,के एन एस वर्मा ,शिव प्रकाश दीक्षित ,एस के श्रीवास्तव ,धनञ्जय द्विवेदी ,लखन अवस्थी,विकास पांडेय ,आर के पी राकेश और अनेक गण्यमान लोग सम्मिलित थे |
वक्त्तओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद देश के 78 प्रतिशत सामान्य व् अन्य पिछड़ी जाति के लोगों ने राहत की सांस ली थी और उन्हें लगा था कि एस सी एस टी एक्ट के अलोकतांत्रिक प्राविधानों के कारण अब उन्हें अनावश्यक उत्पीड़न का शिकार नहीं होना पड़ेगा किन्तु केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट का निर्णय पलटने हेतु लोकसभा में रखे गए संशोधन बिल से आम लोगों में भारी गुस्सा और केंद्र सरकार के प्रति गहरा क्षोभ है | सभा मे मांग की गयी है कि इस बाबत लोकसभा में रखा गया संशोधन बिल तत्काल वापस लिया जाये | सभा में चेतावनी दी गयी है कि यदि केंद्र सरकार ने संशोधन बिल वापस न लिया और पदोन्नति में आरक्षण देने की कोशिश बंद न की तो एस सी / एस टी संशोधन बिल विरोधी राष्ट्रीय अभियान समिति राष्ट्रहित में व्यापक आंदोलन करने हेतु बाध्य होगी जिसकी सारी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी |
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