लखनऊ | गोमतीनगर स्थित पर्यटन विभाग में तैनात कर्मचारी सुहेला खान उर्फ शालू को उसके तथाकथित प्रेमी ने पेट्रोल डालकर आग लगा दिया। वारदात पर्यटन विभाग के तीसरी मंजिल पर स्थित लेखा विभाग में शाम करीब 4:30 बजे हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया। जहां दोनों का इलाज चल रहा है। पुलिस के मुताबिक एक तरफा प्यार का मामला है। आरोपी युवक ने महिला पर शादी का जबरदस्ती दबाव बना रहा था। जिसका विरोध करने पर वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं पीड़िता के परिवारीजनों की तहरीर पर पुलिस ने देर शाम केा केस दर्ज कर लिया।
क्षेत्राधिकारी गोमतीनगर अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक ठाकुरगंज के टीबी अस्पताल केपास की रहने वाली सुहेला उर्फ शालू खान पर्यटन विभाग में चतुर्थश्रेणी की कर्मचारी है। वह तीसरे मंजिल के लेखा विभाग में तैनात है। लेखा विभाग प्रबंध निदेशक एसपी सिंह के कमरे के पास ही है। हसनगंज के खदरा का रहने वाला युवक समीर खान उससे एक तरफा प्रेम करता है।
क्षेत्राधिकारी के मुताबिक समीर शुक्रवार की शाम करीब 4:30 बजे वह सुहेला के कार्यालय पहुंचा। सुहेला विभाग में बैठी सहकर्मी मंजू से बातचीत कर रही थी। इसी बीच समीर अपने साथ पानी की बोतल में पेट्रोल लेकर पहुंचा। उसने सुहेला पर पेट्रोल उड़ेल दी। इसकेबाद आग लगा दी। आग की लपटों में घिरी सुहेला चीखने लगी तो समीर भी उससे लिपट गया। दोनों गंभीर रूप से झुलस गये। सुहेला और समीर को आग की लपटों में घिरा देख मंजू सहम गई। उसने दौड़कर दरवाजा खोला और शोर मचाने लगी। शोर सुनकर और कमरे से धुआं निकलता देख कर्मचारी पहुंचे। तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। साथ ही आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। कुछ देर में आग पर काबू पा लिया गया। इसी बीच पीआरवी पहुंची। पीआरवी में तैनात कमांडर और पायलट ने सुहेला को सिविल अस्पताल और समीर को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। लोहिया अस्पताल से समीर को हालत गंभीर होने पर ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गय। वहीं सुहेला का इलाज सिविल अस्पताल में चल रहा है।
पर्यटन विभाग केप्रबंध निदेशक केमुताबिक सुहेला केपति मुशीर खान की करीब 12 साल पहले मौत हो गई। पति की मौत के बाद सुहेला की 2007 में उसकी तैनाती पर्यटन विभाग में चतुर्थश्रेणी कर्मचारी के रुप में हुई। सुहेला केचार बच्चे हैं। नौकरी मिलने के बाद परिवार का खर्च चलने लगा। अधिकारियों व कर्मचारियों के मुताबिक सुहेला का कार्यालय में किसी से अनबन नहीं थी। वह समय से कार्यालय आती और जाती थी।