
उन्होंने मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री को जनता से मिलने की फुरसत नहीं है। अमेरिका जाते हैं तो राष्ट्रपति को गले लगाते हैं। पाकिस्तान में जाकर बिरयानी खाते हैं लेकिन यहां की जनता से नहीं मिलते हैं। किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर दिल्ली तक मार्च किया लेकिन प्रधानमंत्री उनसे नहीं मिले, उल्टे उन पर अत्याचार कराया। उन्होंने कहा कि मैं डरने वाली नहीं हूं। मोदी ने पांच साल में एक भी वादा नहीं पूरा किया। राष्ट्रवाद पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद किसे गर्व नहीं है लेकिन जनता का उत्पीड़न भी नहीं होना चाहिए।
अगर पांच साल में आपने काम किया है तो नोटबंदी, जीएसटी, युवाओं को रोजगार देने की बात पर आप क्यों नहीं बोलते। भाजपा व प्रधानमंत्री मोदी जज्बाती मुद्दों को उठाकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। इसी तरह 2014 के चुनाव में उन्होंने 15 लाख रुपये, दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने समेत अन्य वादे किए थे। उन्होंने कहा मैं बनारस गई थी तो वहां लोगों ने बताया कि प्रधानमंत्री एक बार भी गांव नहीं गए। लोगों से नहीं मिले। अगर गांव जाते किसानों से मिलते तो उन्हें पता चलता कि किसानों के खेतों को आवारा जानवरों ने चर डाला है। किसानों ने उन जानवरों के नाम क्या रखे हैं।
उन्होंने कहा कि यह सरकार अहंकारी है, जनता की नहीं सुनती। उन्होंने लालगंज में अहंकारी कछुआ राजा की कहानी सुनाते हुए कहा कि वह अपनी प्रजा के ऊपर बैठकर बाहर की दुनिया देख रहा था। वह अहंकारी था। उसका अहंकार इतना बढ़ा कि वह वापस तालाब में जा गिरा। ठीक उसी तरह यह सरकार भी जनता के ऊपर बैठकर राज कर रही है लेकिन उन्हें नहीं देख रही है।
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