गौरतलब है कि सोनभद्र के घोरावल इलाके में 17 जुलाई को जमीन के एक टुकड़े को लेकर हुए संघर्ष में 10 गोंड आदिवासियों की हत्या कर दी गई थी और 18 अन्य घायल हो गए थे। सोनभद्र गोलीकांड में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने 19 जुलाई को पहुंचीं प्रियंका गांधी को राज्य प्रशासन ने बीच रास्ते में ही रोक लिया था और बाद में हिरासत में ले लिया था। गोलीकांड के बाद तनाव को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी थी। प्रियंका को वहां जाने की अनुमति नहीं दी गई।
इससे पहले प्रियंका ने वाराणसी के अस्पताल में, गोलीकांड में घायल हुए लोगों से मुलाकात की थी। वहां से उम्भा जाते हुए प्रियंका को मिर्जापुर में रोककर हिरासत में ले लिया गया था। प्रियंका सोनभद्र जाने से रोके जाने के बाद बीच सड़क पर ही बैठ गई थीं। धरने पर बैठीं प्रियंका को चुनार अतिथिगृह ले जाया गया था। अगले दिन 20 जुलाई को आदिवासी समुदाय के सदस्यों ने प्रियंका से मुलाकात की थी। उन्होंने प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद देने का वादा किया था। यह मदद उन्हें बाद में पार्टी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल की ओर से दी गई।
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