
लखनऊ | उत्तर प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष श्री हृदय नारायण दीक्षित तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां लोक भवन में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रथम पुण्य तिथि के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का बहुआयामी व्यक्तित्व हमें आज भी प्रेरणा देता है। अटल जी उस व्यक्तित्व का नाम है, जिसने कभी अपने सिद्धान्तों और आदर्शों से समझौता नहीं किया। मुख्यमंत्री जी ने शूद्रक के नाटक ‘मृच्छकटिकम्’ के एक श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘न भीतो मरणादस्मि केवलं दुषितो यशः’ अर्थात् मैं मृत्यु से नहीं डरता, अगर डरता हूं तो बदनामी से डरता हूं। यह उक्ति श्रद्धेय अटल जी पर बिल्कुल सटीक बैठती है। आज स्व0 अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रथम पुण्य तिथि है। जम्मू कश्मीर राज्य से अनुच्छेद 370 हटाया जाना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी के सम्मान मंे राज्य सरकार द्वारा अनेक कार्ययोजनाओं को मूर्त रूप देने का काम किया जा रहा है। आने वाले समय में श्रद्धेय अटल जी की जयन्ती पर लोकभवन में 25 फीट ऊंची प्रतिमा का लोकार्पण किया जायेगा। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के नाम पर लखनऊ में चिकित्सा विश्वविद्यालय बनाने की कार्यवाही प्रचलित है। बलरामपुर में के0जी0एम0यू0 का सेटेलाइट सेण्टर स्थापित किया जा रहा है, जिसे कालान्तर में मेडिकल काॅलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। माननीय अटल जी की स्मृति में डी0ए0वी0 काॅलेज, कानपुर में सेन्टर आॅफ एक्सीलेन्स की स्थापना तथा बटेश्वर में अटल जी की स्मृति में एक भव्य स्मारक बनाया जाएगा। प्रदेश के सभी 18 मण्डलों में अटल जी के नाम पर श्रमिकों के बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि लखनऊ के अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का नाम राज्य सरकार ने ‘भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम’ किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी का 06 दशक का निष्कलंक राजनैतिक जीवन सदैव याद किया जाएगा। डाॅ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं0 दीनदयाल उपाध्याय से उन्होंने राजनीति के संस्कार ग्रहण किए तथा उन्हीं के बल पर सुशासन की आधारशिला रखी। यह हमारे लिये गौरव का विषय है कि उत्तर प्रदेश श्रद्धेय अटल जी की कर्मभूमि रहा है। उन्होंने कहा कि ओजस्वी वक्ता होने के कारण विरोधी भी अटल जी की बात गम्भीरता से सुनते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि था। उन्होंने देश में आधारभूत ढांचे के विकास और भारतीय अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बहुआयामी कार्य किए। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से पूरे देश को सम्पर्क मार्ग से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया, जो विकास के लिए सबसे अधिक आवश्यक था। स्वर्णिम चतुर्भुज योजना, सर्वशिक्षा अभियान आदि की भी आधारशिला रखी। मेट्रो रेल के संचालन में उनके कार्यकाल में नए कीर्तिमान स्थापित किए गए। अटल जी का मानना था कि बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करके ही हम राष्ट्र को सशक्त बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत बुनियादी आवश्यकताओं की महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है।
विधानसभा अध्यक्ष श्री हृदय नारायण दीक्षित ने श्रद्धेय अटल जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति को संस्कृति की तरह जिया व प्रेरित किया। उन्होंने संचार क्रांति को गति देने का काम किया और सर्वशिक्षा अभियान के माध्यम से देश में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने का काम किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यद्यपि श्रद्धेय अटल जी आज सशरीर हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनके विचार आज भी हमें ऊर्जित करते हंै। उन्होंने कहा कि शिखर पर पहुंचने के बाद भी अहंकार अटल जी को छू नहीं पाया।
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि अटल जी देश के गौरव थे। वर्तमान केन्द्र व राज्य सरकार अटल जी के सपनों को मूर्त रूप देने का कार्य कर रही है।
कार्यक्रम का संचालन उपमुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा ने किया। उन्होंने अटल जी से जुड़े अपने संस्मरण भी साझा किए।
इस अवसर पर नगर विकास मंत्री श्री सुरेश खन्ना, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री आशुतोष टण्डन, लखनऊ की महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी, सूचना निदेशक श्री शिशिर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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