
लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ 15वें वित्त आयोग के चेयरमैन और उनकी टीम ने मंगलवार को बैठक की। इस दौरान सीएम योगी के साथ सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री, मुख्य सचिव व प्रमुख विभागों के अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव शामिल रहे।बैठक के दौरान 15वे वित्त आयोग के चेयरमैन एनके सिंह ने कहा कि पीएम मोदी का सपना भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना बहुत जरूरी है। क्योंकि अगर उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था नहीं बन पाया तो भारत पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवथा नहीं बन पाएंगा।
एन के सिंह ने यूपी को मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, नर्सेज व पैरामेडिकल स्टाफ के प्रशिक्षण के लिए अतिरिक्त मदद का संकेत किया है। उन्होंने प्रदेश को कर्ज प्रबंधन करने के साथ ग्रोथ रेट को दोगुना करने, शिक्षा व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया है।
एनके सिंह ने कहा है यूपी को 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाए बिना बिना राष्ट्रीय स्तर पर 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता है। यूपी के लिए मौजूदा स्तर पर यह लक्ष्य आसान नहीं है। इसके लिए ग्रोथ रेट को दोगुना करना होगा। ऐसा यूपी कर सकता है।
एन के सिंह ने कहा है कृषि क्षेत्र में सुधार को अलग से संस्तुतियां देगा। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदिनाथ भी इसके सदस्य हैं। इस कमेटी ने सुधारों का मसौदा बनाकर राय के लिए राज्यों को भेज दिया है। 25 अक्टूबर तक राज्य अपने सुझाव दे देंगे।उसके अगले 15 दिनों में इसे अंतिम रूप देकर कार्यवाही के लिए भेज दिया जाएगा।
एनके सिंह ने कहा की जनसंख्या व भौगोलिक स्थिति यूपी के लिए निश्चित रूप से चुनौती है। लेकिन इसे धन आवंटन के फार्मूले के रूप में शामिल किया जाए इस पर बड़ा विवाद है । कई राज्य कम जनसंख्या व बेहतर प्रबंधन का हवाला देकर जनसंख्या को आधार बनाने का विरोध कर रहे हैं। आयोग को इसमें संतुलन बनाना है।
एनके सिंह ने कहा है यूपी को 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाए बिना बिना राष्ट्रीय स्तर पर 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता है। यूपी के लिए मौजूदा स्तर पर यह लक्ष्य आसान नहीं है। इसके लिए ग्रोथ रेट को दोगुना करना होगा। ऐसा यूपी कर सकता है।
एन के सिंह ने कहा है कृषि क्षेत्र में सुधार को अलग से संस्तुतियां देगा। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदिनाथ भी इसके सदस्य हैं। इस कमेटी ने सुधारों का मसौदा बनाकर राय के लिए राज्यों को भेज दिया है। 25 अक्टूबर तक राज्य अपने सुझाव दे देंगे।उसके अगले 15 दिनों में इसे अंतिम रूप देकर कार्यवाही के लिए भेज दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने इन गांवों में पाइप पेयजल के लिए 15,722 करोड़ की योजना शुरू की है। यह पूरी तरह राज्य वित्त पोषित स्कीम है। यदि आयोग क्षेत्र विशेष की आवश्यकता को देखते हुए आवंटन की संस्तुति करेगा तो प्रदेश पर वित्तीय भार घटेगा। नगरीय क्षेत्रों में पूंजीगत कार्यों के लिए आयोग खर्च की अनुमति देता है लेकिन ऑपरेशनल कास्ट की अनुमति नहीं देता।
बैठक में ऑपरेशनल कास्ट की भी अनुमति मांगने की योजना है। इसी तरह स्कूलों के कायाकल्प, वनीकरण की मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए भी अतिरिक्त मदद की मांग के संकेत हैं। बिजली व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए भी आयोग से मांग की गई है।