
राज्यपाल ने विधान मण्डल के दोनों सदनों के
समवेत अधिवेशन को सम्बोधित किया
लखनऊ | राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज यहां उत्तर प्रदेश विधान मण्डल के दोनों सदनों के वर्ष 2020 के प्रथम सत्र के समवेत अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनकल्याण के लिए समर्पित है और सुविचारित नीतियों से उत्तर प्रदेश में एक ऐसा वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां से समृद्धि और विकास के अनेक पथ प्रशस्त होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपने हर मिशन, हर संकल्प को जनता के सहयोग से पूरा कर रही है। शीघ्र ही वित्तीय वर्ष 2020-21 का आय-व्ययक सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश की आम जनता के हित में सभी सदस्यगण राज्य सरकार का सहयोग कर जनआकांक्षाओं को पूरा करने में अपना बहुमूल्य योगदान करेंगे।
राज्यपाल ने कहा कि रामराज्य की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रदेश का सर्वांगीण विकास ही मेरी सरकार की प्राथमिकता है। सुशासन की परिकल्पना, जनकल्याण एवं जनविश्वास के माध्यम से ही पुष्पित एवं पल्वित होती है। इसलिए ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की नीति अपनाते हुए समाज के सभी वर्गाें का सामाजिक, आर्थिक व शैक्षिक विकास सहित सर्वांगीण विकास कार्यक्रम अनवरत जारी है।
राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वें जयन्ती वर्ष में 02 अक्टूबर, 2019 को विधान मण्डल का विशेष सत्र आहूत किया गया, जिसमें 36 घण्टे अनवरत चर्चा कर राष्ट्रपिता के उच्च आदर्शाें का पालन करते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा निर्धारित सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने का संकल्प लिया गया। इसी प्रकार, भारत के संविधान मंे उल्लिखित समाज के सभी वर्गाें के सामाजिक, आर्थिक व शैक्षिक विकास के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से संविधान के महान शिल्पकार डाॅ0 भीमराव रामजी आंबेडकर की स्मृति में संविधान दिवस के अवसर पर 26 नवम्बर, 2019 को विधान मण्डल का विशेष सत्र आहूत किया गया।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार की नीतियों एवं योजनाओं का लाभ समाज के अन्तिम पायदान तक पहुंचाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें से विभिन्न योजनाओं को लागू करने में उत्तर प्रदेश को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री ग्रामीण एवं शहरी आवास योजना में 27.58 लाख आवास स्वीकृत व 17 लाख से अधिक आवास निर्मित कर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। इसी प्रकार, 86,700 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान कर, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में 01 करोड़ 47 लाख परिवारों को निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन प्रदान कर, ग्रामीण क्षेत्रों में 02 करोड़ 61 लाख परिवारों को शौचालय देकर, सौभाग्य एवं अन्य योजनाओं में 01 करोड़ 24 लाख से अधिक विद्युत कनेक्शन देकर उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना एवं आम आदमी बीमा योजना, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना, दूध, चीनी, गन्ना व आम उत्पादन तथा अटल पेंशन योजना में भी उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है।
राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ, भारत क्षेत्र का सातवां सम्मेलन दिनांक 15 से 19 जनवरी, 2020 के मध्य राजधानी लखनऊ में आयोजित किया गया। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन का आयोजन लखनऊ में प्रथम बार किया गया। सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्य विधान मंडलों के पीठासीन अधिकारियों सहित विभिन्न देशों की विधायी संस्थाओं के प्रतिनिधिगण भी सम्मिलित हुए। इस सम्मेलन की लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण एव संवर्द्धन में योगदान हेतु विश्व स्तर पर सराहना हुई।
राज्यपाल ने कहा कि पर्यटन से हमारी सांस्कृतिक, प्राकृतिक तथा भौगोलिक विरासत को समृद्धि प्राप्त होती है। पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु ‘यू0पी0 नहीं देखा तो इण्डिया नहीं देखा’ तथा कुम्भ के लिए ‘सर्वसिसिद्धप्रदः कुम्भः’ की टैग लाइन जारी की गई। अयोध्या में दीपोत्सव, मथुरा में कृष्णोत्सव, वाराणसी में देव दीपावली तथा बरसाना में रंगोत्सव का आयोजन कराया जा रहा है। स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत रामायण सर्किट, बौद्ध सर्किट, हेरिटेज सर्किट एवं स्प्रिचुअल सर्किट, बुन्देलखण्ड सर्किट, शक्तिपीठ सर्किट, महाभारत सर्किट, आध्यात्मिक सर्किट, सूफी सर्किट एवं जैन सर्किट का चिन्हांकन कर समेकित पर्यटन विकास कार्य किया जा रहा है। भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या में उच्च स्तरीय पर्यटक सुविधाएं प्रस्तावित हैं। वाराणसी में सांस्कृतिक केन्द्र तथा पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म स्थल बटेश्वर का विकास कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त गोरखपुर के रामगढ़ ताल में वाटर स्पोटर््स, पीलीभीत टाइगर रिजर्व तथा चन्दौली में देवदरी राजदरी वाटरफाॅल के साथ-साथ 46 पर्यटन योजनाओं का विकास कराया जा रहा है।
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