भीड़ भाग निकली, राहुल गांधी देखते रह गए


कांग्रेस के लिए यह अपनी ताकत दिखाने का मौका था, लेकिन आखिर में यह उसकी झल्लाहट की वजह बन गया।

दिल्ली में आयोजित चुनावी रैली में इतनी कम भीड़ पहुंची कि राहुल को अपना भाषण केवल 7 मिनट में खत्म करना पड़ा।

शहर में कांग्रेस का मजबूत किला माने जाने वाले इलाके दक्षिणपुरी में पार्टी कार्यकर्ता और आयोजक पर्याप्त भीड़ जुटाने में नाकाम रहे।

इसके बाद गड़बड़ यह हुई कि राहुल तय कार्यक्रम से तीन घंटे देर से पहुंचे। दरअसल, वह चाहते थे कि रैली को मिलने वाली कवरेज और पार्टी के संवाददाता सम्मेलन का वक्‍त एक न हो।

राहुल ने शीला दीक्षित सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और भाजपा पर हमला बोला, लेकिन वहां मौजूद लोग उनसे जुड़ते नहीं दिखे और बड़ा हिस्सा वहां से रवाना हो गया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भीड़ से रुकने का आग्रह किया, ताकि वह राहुल गांधी को सुन सके, लेकिन लोग इसके मूड में नहीं थे।

रविवार को रैली में दिखी निराशाजनक प्रतिक्रिया कांग्रेस के लिए‌ चिंता का विषय हो सकती है, क्योंक‌ि उसे उम्मीद है कि दक्षिणपुरी समेत दिल्ली में शीला सरकार चौथी पारी खेलने में कामयाब रहेगी।

आयोजकों को कांग्रेस आला कमान को इस बात का जवाब देना भारी पड़ सकता ‌कि रैली में इतनी कम भीड़ क्यों पहुंची, जबकि उसे कांग्रेस उपाध्यक्ष और पार्टी की बड़ी उम्मीद राहुल गांधी संबोधित करने वाले थे।

यह शीला दीक्षित के लिए भी झटका है, जो भाजपा के अलावा इस बार आम आदमी पार्टी से भी कड़ी चुनौती का सामना कर रही हैं, क्योंकि अरविंद केजरीवाल की पार्टी में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।


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