चुनावी समर में बेबाक बयानबाजी से बातें अब एक कदम आगे जाने लगी है। अब दौर शिकायतों और नोटिस का है, जिसमें भाजपा-कांग्रेस, दोनों एक-दूसरे को पीछे छोड़ना चाहती हैं।
इसी क्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया को 10 करोड़ रुपए का मानहानि का नोटिस दिया है।
शिवराज सिंह चौहान परिवार में भ्रष्टाचार से जुड़े कांग्रेस के एक विज्ञापन को आधार बनाकर यह नोटिस दिया गया है।
इस विज्ञापन में कहा गया है, “एक लालची परिवार ने मध्य प्रदेश को लूट लिया है।” कांग्रेस हालिया वक्त में कथित भ्रष्टाचार को लेकर शिवराज सिंह चौहान पर तीर चलाती रही है।
कांग्रेस ने शनिवार को कहा था कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री 25 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले केवल खोखले दावे कर रहे हैं।
केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री और कांग्रेसी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था, “चौहान कहते हैं कि घोषणाएं केवल बहादुर लोग करते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि वीर खोखले वादे नहीं करते।”
सिंधिया ने मध्य प्रदेश भाजपा के घोषणापत्र को झूठ का पुलिंदा करार दिया। उन्होंने कहा, “भाजपा का चुनावी घोषणापत्र कुछ और नहीं, सिर्फ झूठ का पुलिंदा है, क्योंकि चौहान सरकार हर कदम पर राज्य की जनता को ठगती रही है।”
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