मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्तमान सरकार के गठन के बाद प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ— गृह मंत्री अमित शाह


गृह एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में लखनऊ में उ0प्र0 स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज का शिलान्यास किया

प्रधानमंत्री जी की मंशा के अनुरूप उ0प्र0 में कानून का राज स्थापित हुआ: मुख्यमंत्री

लखनऊ | गृह एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार अमित शाह ने आज यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में 207 करोड़ रुपये की लागत के उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज का शिलान्यास किया।शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि है। आजादी के आन्दोलन में लोकमान्य गंगाधर तिलक जी का योगदान अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उनके सिद्धान्त तथा देशभक्ति के जज्बे को आने वाली पीढ़ियां ग्रहण कर देश को आगे बढ़ाने का कार्य करेंगी। लोकमान्य तिलक के उद्घोष ‘आजादी मेरा जन्म सिद्ध अधिकार मैं इसे लेकर रहूंगा’ ने अंग्रेजी शासन की नींव हिला दी। उस समय लाल, बाल, पाल की त्रयी ने पूरे भारत में एक आन्दोलन खड़ा किया, जिससे हमारे देश का स्वतंत्रता मिली।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश के नागरिकों में भय व्याप्त था और लोग पलायन करने को मजबूर थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्तमान सरकार के गठन के बाद प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ। आज उत्तर प्रदेश देश में विकास की 44 योजनाओं में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने ने कहा कि योजना बनाना बड़ा सरल होता है, लेकिन इन योजनाओं को भूमि पर उतारना, बिचौलियों को खत्म करना और लाभार्थी को बिना कोई कष्ट व रिश्वत के योजना का लाभ मिल सके, ऐसा तंत्र बनाना बहुत कठिन होता है। लेकिन मुख्यमंत्री जी व उनकी टीम ने ऐसा करके दिखलाया है। 

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने प्रत्येक क्षेत्र में विकास किया है। चाहे औद्योगिक निवेश हो या योजनाओं का सफल क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण हो या गरीब किसान की ऋण माफी, हर घर में शौचालय बनाना तथा घर विहीन को घर देने का कार्य उत्तर प्रदेश में किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 01 करोड़ 47 लाख महिलाओं को निःशुल्क गैस सिलेण्डर उपलब्ध कराने के साथ ही इतने घरों को निःशुल्क बिजली के कनेक्शन उपलब्ध कराने का कार्य किया गया है। 
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के नेतृत्व मंे बेहतरीन कार्य हो रहे हैं। इसी का परिणाम है कि 04 वर्ष में ही 11 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था 22 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बन गयी है, जो देश में दूसरे नम्बर की अर्थव्यवस्था है। कोविड-19 की दोनों लहरों में उत्तर प्रदेश सरकार ने काफी अच्छा कार्य किया है। वैक्सीनेशन, टेस्टिंग, बेड की संख्या बढ़ाने तथा कोविड से सुरक्षा प्रदान करने में प्रदेश देश में सबसे आगे है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र व राज्य सरकार पूरी संवेदना के साथ जनहित के कार्य कर रही हैं। इस स्थान पर एक विशाल संकुल बनेगा, जिसका बीजारोपण आज हुआ है। जब यह एक वट वृक्ष बनेगा तो अनेक बच्चे यहां से अपना कैरियर बनाएंगे। अनेक बच्चे यहां पर अनुसंधान में हिस्सा लेकर न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश की कानून-व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी बनने का कार्य करेंगे। 
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी जब गुजरात के मुख्यमंत्री के रुप में कार्य कर रहे थे, तब उन्होंने विश्व में अपनी तरह की सबसे पहली फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी बनाने का कार्य किया था। वर्ष 2019 में गांधीनगर में राष्ट्रीय फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी बनी। उन्होंने कहा कि उ0प्र0 स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज 207 करोड़ रुपये खर्च करके बनाया जा रहा है। भारत सरकार ने यहां पर 15 करोड़ रुपये की धनराशि से सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स इन डी0एन0ए0 का अनुमोदन किया है। यह सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स उत्तर प्रदेश व अन्य प्रदेशों के लिए एक मॉडल के रूप में कार्य करेगा। डी0एन0ए0 परीक्षण के क्षेत्र में यह अद्वितीय संस्थान होगा। 
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा प्रधानमंत्री जी ने पूरे देश की कानून-व्यवस्था को बल देने की शुरुआत की है। वैसे तो कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है, लेकिन केन्द्र सरकार कुछ ऐसे इनीशिएटिव ले रही है, जिससे समग्र देश की कानून-व्यवस्था को मजबूती मिल रही है। केन्द्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, गांधीनगर तथा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी। इसके साथ ही, देश भर में इन संस्थानों से सम्बद्ध अनेक कॉलेज शुरू होने जा रहे हैं। 
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पुलिसिंग की 20 साल पहले की जो कल्पना थी, वह आज नहीं रह गयी है। नारकोटिक्स, नारकोटेस्ट, आतंकवादी घटनाएं, साइबर अपराध, आर्थिक अपराध, हथियारों की तस्करी, गौ तस्करी आदि अनेक प्रकार के अपराधों से लड़ने के लिए पुलिस को आधुनिकीकरण की आवश्यकता थी। इस आधुनिकीकरण की पूर्ति में उ0प्र0 इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस को नो-एक्शन तथा एक्सट्रीम एक्शन के स्थान पर जस्ट एक्शन पर कार्य करना चाहिए, जिसमें यह संस्थान मददगार सिद्ध होगा।
अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था बदहाल थी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की मंशा के अनुरूप आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। वर्तमान सरकार द्वारा आज जिस भूमि पर उ0प्र0 इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज की स्थापना की जा रही है, इस 142 एकड़ भूमि पर एक माफिया का कब्जा था। प्रदेश सरकार द्वारा सक्रिय कार्रवाई की गयी, जिसके परिणामस्वरूप यह जमीन कब्जा मुक्त हुई। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिदृश्य व अपराध की बदलती हुई प्रवृत्ति को देखते हुए गृह मंत्री जी ने वर्ष 2019 में प्रदेश भ्रमण के अवसर पर एक इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज के गठन का सुझाव दिया था, आज इस इंस्टीट्यूट का शिलान्यास सम्पन्न हो रहा है। यह संस्थान पुलिस आधुनिकीकरण के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।

इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री जी को स्मृति चिन्ह भेंट किया। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री जी तथा मुख्यमंत्री जी ने संस्थान के शिलान्यास के अवसर पर वृक्षारोपण भी किया।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री मुकुल गोयल ने सभी का स्वागत सम्बोधन किया तथा अपर मुख्य सचिव गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।  
कार्यक्रम के दौरान उ0प्र0 स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज की ओर से अपर मुख्य सचिव गृह एवं नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, गांधीनगर, गुजरात की ओर से कुलपति डॉ0 जे0एम0 व्यास द्वारा एम0ओ0यू0 दस्तावेज का आदान-प्रदान किया गया। 
ज्ञातव्य है कि उ0प्र0 स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज का मुख्य उद्देश्य फॉरेंसिक के क्षेत्र में प्रशिक्षित जनशक्ति का एक पूल बनाना, न्यायपालिका और पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करना, अपराध की विवेचना में आवश्यक उन्नत प्रौद्योगिकियों में विशेषज्ञता उत्पन्न करना है। 
इंस्टीट्यूट में कुल 08 अनुभाग एवं 14 प्रयोगशालाएं होंगी। भौतिकी अनुभाग में आग्नेयास्त्र, फॉरेंसिक ध्वनिकी और प्रलेख प्रयोगशाला होगी। रसायन अनुभाग के तहत विस्फोटक और विष विज्ञान प्रयोगशाला तथा जीव विज्ञान अनुभाग में जीवन विज्ञान, सीरम विज्ञान एवं डी0एन0ए0 प्रयोगशाला होगी। कम्प्यूटर साइंस अनुभाग में डेटा एनालिसिस, साइबर सुरक्षा और साइबर फॉरेंसिक लैब का निर्माण होगा। व्यवहार विज्ञान अनुभाग के तहत लाई डिटेक्शन, नारको एनालिसिस एवं ब्रेन मैपिंग प्रयोगशाला प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त, अपराध विज्ञान, कानून व्यवस्था, पुलिस विज्ञान और प्रशासन अनुभाग भी होंगे। 
इस इंस्टीट्यूट में बी0एस0सी0, एम0एस0सी0 फॉरेंसिक साइंस विद स्पेशलाइजेशन, एम0फिल, पी0एच0डी0, पोस्ट डॉक्टरल रिसर्च तथा पी0जी0 डिप्लोमा इन फॉरेंसिक साइंस, एडवांस स्पेशलाइजेशन एण्ड टेलर मेड पी0जी0 डिप्लोमा एवं विभिन्न सर्टिफिकेट कोर्स का संचालन प्रस्तावित है, जिसमें 500 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करेंगे। 
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य एवं डॉ0 दिनेश शर्मा, महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती स्वाती सिंह, विधान परिषद सदस्य श्री स्वतंत्र देव सिंह, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एम0एस0एम0ई श्री नवनीत सहगल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


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