
बीते सोमवार को यूपी के माफिया डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत कोर्ट में मुन्ना बजरंगी की पेशी होनी थी. मुन्ना बजरंगी रविवार को झांसी से बागपत लाया गया था.
इसी दौरान जेल में उसकी हत्या कर दी गई. उसे 10 गोलियां मारी गईं. इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एडीजी जेल ने बागपत के जेलर, डिप्टी जेलर, जेल वॉर्डन और दो सुरक्षाकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था.
उत्तर प्रदेश समते कई राज्यों में मुन्ना के खिलाफ मुकदमे दर्ज थे. वह पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन चुका था. उसके खिलाफ सबसे ज्यादा मामले यूपी में दर्ज हैं. 29 अक्टूबर 2009 को दिल्ली पुलिस ने मुन्ना को मुंबई के मलाड इलाके में नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कर लिया था. ऐसा माना जाता है कि एनकाउंटर के डर से उसने खुद गिरफ्तारी करवाई थी.
इस पर अखिलेश ने कहा कि राज्यपाल से उनके अच्छे संबंध हैं लेकिन राज्यपाल जानते हैं कि मुन्ना बजरंगी की हत्या सरकार ने करवाई। इसलिए वह चुप हैं। अखिलेश ने कहा कि वह जल्द राज्यपाल से मिलने जाएंगे और उन्हें बताएंगे। हाल ही में कुख्यात अपराधी मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। अखिलेश इसके बाद भी कानून व्यवस्था का सवाल उठाते हुए कहा कि इस समय प्रदेश में पूरी तरह अराजकता की स्थिति है। जनता में इतना भय कभी पैदा नहीं हुआ जो इस सरकार में इस वक्त है। प्रदेश में न कानून है न व्यवस्था है..।
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