सभी दल आतंकवाद के खिलाफ जंग में सरकार के साथ, सर्वदलीय बैठक के बाद बोलीं सुषमा स्वराज


गौरतलब है कि भारतीय वायु सेना ने मंगलवार को तड़के सीमापार पाकिस्तान स्थित बालाकोट में आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद के ठिकाने को निशाना बनाया जिसमें बड़ी संख्या में आतंकवादी, प्रशिक्षक, शीर्ष कमांडर और जिहादी मारे गए। इस अभियान में मारे गए आतंकियों में जैश ए मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर का बहनोई युसूफ अजहर शामिल है।

भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने इस अभियान के बारे में जानकारी देने के लिए नई दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी कि 12 दिन पहले पुलवामा हमले को अंजाम देने के बाद जैश ए मोहम्मद भारत में एक और आत्मघाती आतंकी हमला करने की साजिश रच रहा है और फिदायीन जिहादियों को इस काम के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस जानकारी के बाद सीमा के दूसरी ओर जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकी शिविर पर गैर-सैन्य एकतरफा हमले किए गए।

गोखले ने बताया कि भारतीय वायु सेना के मंगलवार सुबह चलाये गए अभियान में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया गया। इस अभियान में बड़ी संख्या में जैश के शीर्ष आतंकवादी, प्रशिक्षक, शीर्ष कमांडर और जिहादी मारे गए। इस शिविर का नेतृत्व मौलाना यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी कर रहा था, जो जैश प्रमुख मसूद अजहर का बहनोई था।

गोखले ने कहा कि हमने पाक को आतंकी हमले के सबूत कई बार दिए लेकिन पाकिस्तान ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। यह ऐहतियातन उठाया गया कदम और गैर सैन्य कार्रवाई थी जिसका मकसद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था। हमने जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को निशाना बनाया जो घने जंगल में पहाड़ियों पर थे और नागरिक इलाकों से दूर थे।


Scroll To Top
Translate »