नई दिल्ली। ई-रिक्शे अभी नहीं चल पाएंगे क्योंकि दिल्ली उच्च न्यायालय ने इन्हें चलाने की अंतरिम अनुमति देने के केंद्र के आग्रह को खारिज कर दिया। केंद्र सरकार द्वारा इन वाहनों के लिए नियमों को तैयार करने के लिए मसौदा दिशा-निर्देश जमा किए जाने के बावजूद कोई राहत नहीं मिली है। अदालत ने कहा कि बैटरी चालित ई-रिक्शा को कानून का पालन करना होगा और उन्हें पंजीकरण, बीमा तथा अपने वाहन के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना उसे चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
न्यायाधीश बीडी अहमद व न्यायाधीश सिद्धार्थ मृदुल की पीठ ने कहा, ‘हम कोई कमजोर देश (बनाना रिपब्लिक) नहीं हैं। हम दुनिया के उन कुछ गतिशील लोकतंत्र में से हैं जो विकास कर रहे हैं। भले ही हम अन्य देशों जितने धनी नहीं हों लेकिन कानून का अनुपालन सुनिश्चित कर सकते हैं।’
इससे पहले अदालत ने कहा था कि वह इनके नियमन के लिए दिशा-निर्देश लागू होने तक ई-रिक्शे चलाने की अनुमति नहीं दे सकती। केंद्र ने आज ई-रिक्शों के लिए नियम बनाने के लिए दिशा-निर्देशों का व्यापक मसौदा पेश किया।
केंद्र ने लगभग 50,000 ई-रिक्शा के लिए नियम बनाने को लेकर दो महीने का समय देने और तब तक उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में चलाने निगम तथा ग्रामीण सड़कों पर चलाने की अनुमति देने का अनुरोध किया। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि मसौदा दिशा-निर्देश के अलावा उसने ई-रिक्शा के परिचालन से संबद्ध मसौदा नियमों के बारे में सुझाव देने के लिए दो समिति गठित की हैं।
केंद्र की तरफ से मामले में पेश अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल पिंकी आनंद ने कहा कि इनके चालन को नियमित करने के कई कदम उठाने के प्रस्ताव हैं। इसमें ई-रिक्शा तेज रफ्तार से सड़कों पर नहीं चलेंगे और उनकी अधिकतम गति 25 किलो मीटर होगी और अधिकतम चार लोग तथा 50 किलो सामान चलने की छूट होगी।
न्यायाधीश बीडी अहमद तथा न्यायाधीश सिद्धार्थ मृदुल की पीठ ने कहा, हमें आपकी (केंद्र) मदद कर खुशी होगी लेकिन यह सब कानून के दायरे में होगा। वाहन चालकों के पास निश्चित रूप से ड्राइविंग लाइसेंस होने चाहिए। वाहन का पंजीकरण तथा उसका बीमा होना चाहिए। क्या आप यह उम्मीद करते हैं कि अदालत ऐसा कुछ करे जो कानून में स्वीकार्य नहीं है।
यह कहे जाने पर कि प्रतिबंध हजारों ई-रिक्शा मालिकों की रोजी-रोटी से जुड़ा है, अदालत ने कहा, हम भी उनके लिए चिंतित हैं। लेकिन हम उन लोगों के लिए भी चिंतित हैं जो ई-रिक्शा का उपयोग करते हैं और जो उससे बाहर होते हैं। मामला यह है कि ई-रिक्शा मोटर वाहन कानून के तहत मोटर वाहन है और उन्हें इस तरीके से चलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
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