नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि पश्चिम अफ्रीका में फैल रहे इबोला विषाणु से भारत में घबराने की जरूरत नहीं है और इससे निपटने के लिए सरकार ने कदम उठाने शुरू कर दिए है।
पश्चिम अफ्रीका में इबोला विषाणु से फैल रही महामारी को डब्ल्यूएचओ ने शुक्रवार को औपचारिक रूप से एक अन्तर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित किया है। डब्ल्यूएचओ ने सभी देशों को अलर्ट रहने के लिए कहा है। इबोला से चार अगस्त तक 1711 लोग संक्रमित हुए जिनमें से 932 लोगों की मौत हुई है।
हर्षवर्धन ने डब्ल्यूएचओ के बयान के हवाले से कहा कि पश्चिम अफ्रीका में इबोला से चार देश प्रभावित है। गिनी में 393 लोगों की मौत, सिएरा लियोन में 286, लिबेरिया में 282 और नाइजीरिया में एक व्यक्ति की मौत हुई है।
हर्षवर्धन ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने 24 घंटे हेल्पलाइन की शुरुआत की है जो कल से संचालित होगी। उन्होंने कहा कि इबोला के खतरे के मद्देनजर सर्विलांस और ट्रेकिंग प्रणाली को और दुरूस्त किया जा रहा है।
हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार ने डब्ल्यूएचओ की घोषणा के मद्देनजर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ ने मंत्रालय को 20 जुलाई को नई दिल्ली पहुंचने वाले एक यात्री के बारे अलर्ट किया था। इस व्यक्ति का पता द्वारका में लगा लेकिन यह व्यक्ति स्वस्थ पाया गया। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय अपनी कार्ययोजना को लागू करने के लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
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