
लखनऊ | भारतीय जनता पार्टी के (बीजेपी) नेताओं पर लग रहे दलित उत्पीड़न के आरोपों के बीच पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बुधवार को लखनऊ पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ शाह सीधे समतामूलक चौक गए और वहां स्थित महात्मा ज्योतिबा फूले की प्रतिमा माल्यार्पण किया। वहां से निकलकर वह सीधे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे।
सीएम आवास पर शाह ने सीएम योगी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय, संगठन मंत्री सुनील बंसल और राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश के साथ संगठन और सरकार के विभिन्न मसलों पर चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, शाह ने योगी से सरकार के काम-काज पर फीडबैक लिया। माना जा रहा है कि मौजूदा हालात को संभालने में आ रही दिक्कतों पर भी शाह ने बात की।
दोपहर 3.30 बजे के लगभग दोनों उप-मुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा को भी शाह ने बुलाया और उनकी भी राय जानी गई। बता दें कि आए दिन योगी और केशव के बीच मतभेद की खबरें आती रहती हैं इसलिए माना जा रहा है कि इस मसले को सुलझाने पर भी शाह ने बात की।
2019 चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश की भूमिका को देखते हुए शाह ने अपने गठबंधन सहयोगियों अपना दल की अनुप्रिया पटेल और भारतीय समाज पार्टी के ओम प्रकाश राजभर के साथ बैठक की। सूत्रों के मुताबिक, राजभर ने अमित शाह ने कई मांगें रखीं, जिसमें 17 जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग भी शामिल है। बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री राजभर लंबे समय से नाराज चल रहे हैं। राज्य सभा चुनाव से पहले भी उनकी नाराजगी को देखते हुए अमित शाह ने उनसे मुलाकात की थी। राजभर का आरोप है कि योगी आदित्यनाथ उनकी पार्टी के विधायकों की अनदेखी करते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन सहयोगियों को आश्वासन दिया गया है कि हर 15 दिन पर होगी उनकी मुलाकात अमित शाह से होगी। इसके अलावा आरक्षण का वर्गीकरण करने का भी आश्वासन अमित शाह की ओर से दिया गया है। साथ ही साथ गठबंधन दलों से सामंजस्य बनाने के लिए सीएम योगी एक टीम बनाएंगे। दलितों के उत्पीड़न और अनदेखी पर अमित शाह ने आश्वासन दिया है कि पिछडों, अतिपिछड़ों और दलितों की भी भागीदारी सभी जगहों पर सुनिश्चित की जाएगी।
आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए अमित शाह पार्टी के प्रदेश महामंत्रियों से भी मिलेंगे और उनसे आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 में से 72 सीटों पर बीजेपी गठबंधन को जीत मिली थी। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भी अपना दल और एसबीएसपी, बीजेपी के साथ रहे और बीजेपी सरकार बनाने में कामयाब रही थी।
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