
नई दिल्ली : चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया है. राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में नवंबर से दिसंबर के बीच मतदान पूरा हो जाएगा, जिसके बाद 11 दिसंबर को सभी राज्यों के नतीजे एक साथ घोषित किए जाएंगे. चुनाव आयोग की घोषणा के साथ शनिवार से ही इन पांच राज्यों में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है.
पहला चरण : छत्तीसगढ़ में पहले चरण के मतदान के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव अधिसूचना जारी होगी. 23 अक्टूबर को नामांकन पत्र भरने की आखिरी तारीख है और 26 अक्टूबर तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे. इस चरण में 18 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा.
दूसरे चरण : छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण के मतदान के लिए 26 अक्टूबर को चुनाव अधिसूचना जारी होगी. 2 नवंबर को नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख है. जबकि 5 नवंबर तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे. इस चरण में 72 विधानसभा सीटों पर 20 नवंबर को मतदान होगा.
मध्य प्रदेश में एक ही चरण में मतदान होगा. यहां 230 विधानसभा सीट हैं, जिनके नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 9 नवंबर है, जबकि 14 नवंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. यहां सभी सीटों पर एक साथ 28 नवंबर को मतदान होगा. मिजोरम में भी मध्य प्रदेश के साथ ही मतदान कराया जाएगा.
राजस्थान में 12 नवंबर को चुनाव अधिसूचना जारी होगी. जिसके बाद नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 19 नवंबर होगी. नाम वापसी 22 नवंबर तक होगी. इन दोनों राज्यों में 7 दिसंबर को मतदान होगा.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 दिसंबर से पहले चुनावी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. उन्होंने बताया कि चुनाव में आधुनिक ईवीएम व वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाएगा. साथ ही मतदान की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी.
वहीं इससे पहले चुनाव तारीखों के ऐलान के वक्त में फेरबदल पर कांग्रेस ने सवाल उठाए. कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर सवाल किया है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि ‘चुनाव आयोग ने पांच राज्यों की चुनावी तारीख के लिए 12:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी. राजस्थान के अजमेर में दोपहर 1 बजे पीएम मोदी की रैली है. चुनाव आयोग ने अचानक वक्त बदल दिया है और प्रेस कॉन्फ्रेंस 3 बजे होगी. चुनाव आयोग की स्वतंत्रता?’
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