
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को आज उनके समर्थकों सहित मध्यप्रदेश में प्रवेश करने के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया. सैंकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और राजस्थान कांग्रेस प्रमुख सचिन पायलट और मध्य प्रदेश के विधायक जयवर्धन सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं को भी हिरासत में लिया गया है, इन्हें एक सीमेंट कंपनी के गेस्टहाउस ले जाया गया. इसके बाद काफी देर तक मान मनौव्वल का दौर चलता रहा. राहुल बेल लेने को ही तैयार नहीं थे.
शुरुआत में राहुल गांधी यहां से हटने को तैयार नहीं थे. उनका कहना है कि वह मृतक किसानों के परिजनों से मिले बिना बेल भी नहीं लेंगे. कांग्रेस का कहना है कि मृतकों के परिजन राहुल से मिलने के लिए करीब एक किलोमीटर दूर हैं, लेकिन प्रशासन इसकी इजाजत भी नहीं दे रहा है. हालांकि फिर राहुल को बेल मिल गई और उन्हें परिजनों से मिलने की इजाजत मिल गई. उन्होंने एमपी बॉर्डर पर डिनवा गांव में मृतकों के परिजनों से मुलाकात की.
इसके बाद राहुल ने कहा कि मृतक किसानों को शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए. कांग्रेस ये बात उठाएगी और पूरी मदद करेगी. हिंदुस्तान के 50 अमीर लोगों का कर्ज माफ हो सकता है, लेकिन किसानों का नही.
पुलिस को बताया धता
इस दौरान राहुल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के अमीर लोगों के कर्ज माफ कर सकते हैं लेकिन किसानों के लिए ऐसा नहीं कर सकते. राहुल के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ भी थे.
राहुल ने राज्य में प्रवेश करने से उन्हें रोकने के लिए किए गए व्यापक पुलिस प्रबंधों को धता बताया. जब राहुल और उनके साथ मौजूद लोग नीमच के नया गांव से मंदसौर की ओर बढ़े तो ‘‘जय जवान जय किसान’’ और ‘‘राहुल गांधी जिंदाबाद’’ के नारे सुने जा सकते थे. मंदसौर किसान आंदोलन का केंद्र बन गया है जहां मंगलवार को पांच किसानों की मौत हो गई थी.
जब राहुल आगे बढ़ रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. इस दौरान नाटकीय स्थिति पैदा हो गई. पुलिस ने जब उन्हें पीछे करने की कोशिश की तो वह एक खेत में घुस गए और उन्हें हिरासत में लिया गया.
https://rashtriyadinmaan.com
