आसाराम के सील आश्रम में कौन? नारायण साईं!


राजस्व विभाग शिमला की ओर से सितंबर माह में सीज किए गए आसाराम के कुंजा मतरालियों आश्रम में वीरवार देर रात बंद कुटिया में लाइट जली रही। अंदर चहल पहल भी रही।

आश्रम सील होने के बावजूद परिसर स्थल में रात को बेधड़क आवाजाही जारी है। आसाराम का बेटा नारायण साईं दुराचार के आरोपों के चलते इन दिनों फरार चल रहा है।

हाल ही में अंबाला से हिमाचल प्रवेश करने की अटकलें हैं। नारायण साईं के छिपने के संभावित ठिकानों में पांवटा भी है। ‘अमर उजाला’ की टीम ने वीरवार देर रात आश्रम का मुआयना किया।

नारायण साईं के हिमाचल होने की अटकलों के बाद पांवटा, मंडी व धर्मशाला में सतर्कता बढ़ा दी गई है। हिमाचल में पहले से ही अलर्ट जारी है।

शुक्रवार देर रात को कुंजा मतरालियों आश्रम स्थल परिसर में बिजली की रोशनी जगमगाती दिखी। दूर से देखने पर ही सत्संग भवन हॉल व साथ लगते कुटिया परिसर में कुछ लोग मौजूद थे। कुछ लोग आश्रम के परिसर से बाहर आते नजर आए।

जबकि केंद्र व राज्य सरकार के आदेश पर दो माह पहले 27 सितंबर को आश्रम को सील कर दिया गया था।

उस समय राजस्व विभाग (सेल्स) शिमला नायब तहसीलदार रविंद्र कुमार कंवर की अध्यक्षता में टीम ने आश्रम की 14 बीघा 6 बिस्वा जमीन को कब्जे में लिया था।

इसमें आसाराम की कुटिया, साथ लगते हनुमान व श्रीकृष्ण मंदिर व प्रवचन-लंगर हाल शामिल है। शेष 15 बीघा भूमि पर भी धारा 118 के उल्लंघन होने की जांच चल रही है।

पांवटा के एसडीएम श्रवण मांटा ने कहा कि राजस्व विभाग (सेल्स) शिमला ने आसाराम आश्रम व भूमि को अपने कब्जे में लिया है। अगर सीज किए आश्रम स्थल पर आवागमन हो रहा है, तो स्थानीय स्तर पर पूरी जानकारी एकत्र की जाएगी और कार्रवाई की जाएगी।

रखी जा रही पूरी नजर: डीएसपी
पांवटा के डीएसपी योगेश रोल्टा ने कहा कि कुंजा मतरालियों स्थित आश्रम के आसपास क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है। यदि सूरत पुलिस क्षेत्र में पहुंचती है, तो टीम को पूरा सहयोग करेंगे।


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