
लखनऊ,। यूपी पुलिस के विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) ने बुधवार को पूर्व मंत्री मो. आजम खां व पूर्व नगर विकास सचिव एसपी सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ जल निगम भर्ती घोटाले में मुकदमा दर्ज कर लिया। इसमें जल निगम के पूर्व एमडी पीके आसुदानी व जल निगम के तत्कालीन मुख्य अभियंता अनिल खरे को भी नामजद करते हुए परीक्षा कराने वाली संस्था ‘एपटेक के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
डीआईजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार ने बताया कि एसआईटी ने आईपीसी की धारा 201, 409 व 420 के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 ए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इससे पहले एसआईटी ने इस मामले में प्रारंभिक जांच की थी। शासन की अनुमति के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। जल निगम में 1300 पदों पर हुई भर्तियों में धांधली व भ्रष्टाचार की जांच कर रहे यूपी पुलिस के विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) ने 22 जनवरी 2018 को पूर्व मंत्री एवं जल निगम के तत्कालीन अध्यक्ष मो. आजम खां का बयान दर्ज किया था। तब मो. आजम खां ने एसआईटी से कहा था कि यदि भर्तियों में कोई अनिमियतता हुई तो है उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। एसआईटी के एसपी नागेश्वर सिंह, एएसपी अमृता मिश्रा व इंस्पेक्टर अटल बिहारी ने पूर्व मंत्री का बयान दर्ज किया था। इसके लिए वह लगभग दो घंटे तक गोमती नगर में विभूति खंड स्थित एसआईटी के कार्यालय में उपस्थित थे। उनके साथ तत्कालीन नगर विकास सचिव एवं रिटायर आईएएस एसपी सिंह भी रहे। एसआईटी ने एसपी सिंह का बयान पहले ही दर्ज कर लिया था। एसआईटी ने 22 सितंबर 2017 को जल निगम मुख्यालय पहुंचकर भर्ती से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की थी।
जांच के लिए एसआईटी को मिले शिकायती पत्रों में यह आरोप लगाया गया है कि उनके हस्तक्षेप व दबाव से भर्तियों में अनियमितता हुई। इसी आधार पर एसआईटी ने परीक्षा कराने वाली एजेंसी ‘अपटेक का भी बयान दर्ज किया। इसके अलावा जल निगम की ओर से बनाई गई परीक्षा आयोजन समिति के लोगों का भी बयान लिया गया। शासन से अनुमति मिलने के बाद एसआईटी मो. आजम खां समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ बाकायदा मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना करेगी। आजम खां मौजूदा समय में रामपुर से विधायक हैं।
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