
उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ एवं अनुदानित
महाविद्यालय विश्वविद्यालय स्ववित्तपोषित अनुमोदित शिक्षक संघ का संयुक्त प्रदर्शन
लखनऊ | उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री डां.दिनेश शर्मा की हठधर्मिता पूर्ण रवैय्ये से आजिज आकर उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ(फुपुक्टा) एवं अनुदानित महाविद्यालय विश्वविद्यालय स्ववित्तपोषित अनुमोदित शिक्षक संघ(उपाकास्टा) ने संयुक्त रुप सरकार के विरोध प्रदर्शन व आन्दोलन की राह पर उतर चुका है जिसके क्रम में 13 अगस्त को प्रदेश के 331 अनुदानित अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयो की दोनो शिक्षक संघ ईकाईयो द्वारा काला फीता बांध कर महाविद्यालय में शिक्षण कार्य का बहिष्कार किया गया। जो आज दिनांक 14 अगस्त को भी जारी रहेगा।
शिक्षक संघ सूत्रो के अनुसार यदि सरकार समय रहते शिक्षको लम्बित मांगो को तत्काल नहीं माना गया तो दिनांक 20 अगस्त को लखनऊ में जबर्दस्त आन्दोलन हेतु शिक्षको ने आर पार की लड़ाई के लिए कमर कस लिया है। और दिनांक 28 अगस्त को प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय मुख्यालयो पर अनुदानित महाविद्यालयो के दोनो शिक्षक संघो संयुक्त रुप से जोर दार प्रदर्शन होगा। जिसकी सम्पूर्ण जवादेही योगी सरकार और उच्च शिक्षा मंत्री डां.दिनेश शर्मा की होगी।
बताते चले कि अनुदानित महाविद्यालयो के स्थायी एवं स्ववित्तपोषित अनुमोदित शिक्षक विगत डेढ वर्ष से अपनी मांगो के निराकरण के लिए आये दिन योगी सरकार व उच्च शिक्षा मंत्री के दरवाजे पर दस्तक देते आ रहे है और उच्च शिक्षा मंत्री विगत डेढ वर्ष से शिक्षको को मात्र आश्वासन की घुट्टी ही पिला कर टालते आ रहे हैं। जिसके कारण दोनो शिक्षक संगठनो में नाराज़गी व आक्रोश व्याप्त है।
शिक्षक संगठनो की प्रमुख मांगो में 7वां वेतनमान देने, अधिवर्षता आयु 65 वर्ष करने, महाविद्यालयीय शिक्षको को प्रोफ़ेसर पदनाम व ग्रेड देने व एक ही प्रकृति के महाविद्यालय विषय व विभाग में सरकार की दोहरी व्यवस्था का 18 वर्ष से दंश झेल रहे स्ववित्तपोषित अनुमोदित शिक्षको को अविलम्ब विनियमित किये जाने की है।
आश्चर्य तो इस बात की हैकि केन्द्र सरकार द्वारा सातवाँ वेतनमान प्रदान करने के बाद ही तत्काल देश के अन्य प्रान्तो की सरकारो के द्वारा लागू कर दिया गया लेकिन उच्च शिक्षा मंत्री महोदय द्वारा विगत डेढ वर्ष से महाविद्यालयों से ही अधिभार मांगने का नाटक रचाते आ रहे है। इसी प्रकार अनुदानित महाविद्यालयो के स्ववित्तपोषित शिक्षको के विनियमितिकरण/अनुदान सूची पर लेने के सन्दर्भ में मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद डेढ वर्ष से उच्च शिक्षा मंत्री महोदय अनुमोदित शिक्षको के साथ 01 फरवरी 2018 को बैठक करवाने के बाद से आये दिन सचिवालय और निदेशालय उच्च शिक्षा से पत्र निर्गत करवाकर अनुमोदित शिक्षको की वांछित सूचना के नाम पर सूचना सूचना और पत्र पत्र का खेल,खेल रहे हैं। जिसे नाराज़ दोनो शिक्षक संगठनो के द्वारा आर पार के संघर्ष का एलान किया जा चुका है।
https://rashtriyadinmaan.com
