B’Day Special- निराशा क्या होती है, पता नहीं….मैं कहता हूं गिलास पूरा भरा है: PM मोदी


2015_9image_09_30_117374038pmmodi-llनई दिल्ली: 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। मोदी भारत के प्रथम प्रधानमंत्री हैं जिनका जन्म आजाद भारत में हुआ है। उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के छोटे से शहर में हुआ। प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद उन्होंने ऐसे कई काम किए, जिससे वो सुर्खियों में रहे।

1. वर्ष 2015 के गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति बराक ओबामा प्रमुख अतिथि के रूप में भारत दौरे पर आए जो भारत-अमेरिका संबंधों के इतिहास में पहली बार हुआ है।

2. पीएम नरेन्द्र मोदी ने अरब देशों के साथ मजबूत संबंधों को काफी महत्व दिया है। अगस्त 2015 में संयुक्त अरब अमीरात की उनकी यात्रा 34 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी।

3. जापान की उनकी यात्रा से भारत-जापान संबंधों में एक नए युग की शुरुआत हुई। वे मंगोलिया की यात्रा करने वाले प्रथम भारतीय प्रधानमंत्री हैं और चीन व दक्षिण कोरिया की उनकी यात्राएं भारत में निवेश लाने की दृष्टि से कामयाब रही हैं। फ्रांस और जर्मनी की अपनी यात्रा के दौरान वे यूरोप के साथ निरंतर जुड़े रहे।

4. पीएम नरेंद्र मोदी भारत के ऐसे प्रथम प्रधानमंत्री बने जिन्होंने 17 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद नेपाल, 28 वर्ष बाद ऑस्ट्रेलिया, 31 वर्ष बाद फिजी और 34 वर्ष बाद सेशेल्स की द्विपक्षीय यात्रा की।

5. किसी भी एक दिन को “अंतरराष्ट्रीय योग दिवस” के रूप में मनाए जाने के पीएम नरेन्द्र मोदी के आह्वान को संयुक्त राष्ट्र में जबर्दस्त समर्थन प्राप्त हुआ। पहली बार विश्व भर के 177 देशों ने एकजुट होकर 21 जून को “अंतरराष्ट्रीय योग दिवस” के रूप में मनाए जाने का संकल्प संयुक्त राष्ट्र में पारित किया।

6. वह देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने जनता से जुड़ने के लिए रेडियो का भरपूर इस्तेमाल आरंभ किया और ‘मन की बात’ जैसे कार्यक्रम से वो सीधे जनता से वो बात करते हैं।

संघ से खास जुड़ाव
पीएम मोदी ने राजनीति शास्त्र में एमए किया है। बचपन से ही उनका संघ की तरफ खासा झुकाव था और गुजरात में आर.एस.एस. का मजबूत आधार भी था। वे 1967 में 17 साल की उम्र में अहमदाबाद पहुंचे और उसी साल उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सदस्यता ली। इसके बाद 1974 में वे नव निर्माण आंदोलन में शामिल हुए। इस तरह सक्रिय राजनीति में आने से पहले मोदी कई वषों तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे।

साल 2001 में केशुभाई पटेल को मुख्यमंत्री पद से हटाने के बाद मोदी को गुजरात की कमान सौंपी गई। इसके बाद से लगातार 13 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री बने रहे और अब केंद्र में अपने नेतृत्व में सरकार चला रहे हैं।

विरोधियों का डट कर सामना किया
पीएम मोदी ने अपने जीवन में काफी संघर्ष किया है लेकिन कभी पीछे नहीं हटे, उनकी विचारधारा हमेशा ही सकारात्मक रही। मोदी ने हर विरोध का डटकर सामना किया। चाहे वह फिर गुजरात दंगे हों या फिर प्रधानमंत्र बनने तक का सफर। मोदी के प्रधानमंत्री चुने के बाद उनकी अपनी ही पार्टी के सदस्य इसके खिलाफ हो गए थे लेकिन देश की जनता ने मोदी को देश की कमान सौंपी। मोदी की सादगी हर भी हर किसी को कायल कर जाती है।

मैं कहता हूं गिलास पूरा भरा है-मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद अपने डीएनए की इस सच्चाई का बयान करते हुए कहा कि मुझे तो इस बात का पता तक नहीं है कि निराशा होती क्या है। अपनी बात को मुहवरों में समझाते हुए नरेंद्र मोदी ने पानी का वह गिलास उठा लिया जिसके भरे हुए पानी को वह अपने भाषण के दौरान आधा खाली कर चुके थे। उस गिलास को अपनी नजरों के सामने लाते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग कहेंगे कि यह गिलास आधा भरा हुआ है। कुछ लोग कह सकते हैं कि यह गिलास आधा खाली है।

उन्होंने कहा कि मैं कहता हूं कि गिलास पूरा भरा है। आधा पानी से भरा है और आधा हवा से भरा है। मैं ऐसा इसलिए सोचता हूं क्योंकि मैं स्वभाव से आशावादी हूं और यह बात मेरे डीएनए में लिखी है। निराशा क्या होती है मुझे पता नहीं है। यही सोच पाएम मोदी को सबसे अलग बनाती है। यही कारण है कि मोदी बड़ों के ही नहीं बच्चों के बीच भी काफी लोकप्रिय हैं।


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