पेट्रोल – डीजल की बढ़ती कीमतों के लिए भाजपा व कांग्रेस दोनों जिम्मेदार: मायावती


मायावती ने कहा है कि पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों पर सोमवार को भारत बंद के लिए भाजपा व कांग्रेस पार्टी दोनों जिम्मेदार हैं। भाजपा ने पूर्ण बहुमत की एनडीए सरकार बनने के छह माह में ही पेट्रोल-डीजल को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर दिया। इसे एक बड़े आर्थिक सुधार के रूप में देश व दुनिया के सामने पेश किया गया। इसका परिणाम यह है कि डीजल-पेट्रोल व रसोई गैस की कीमतें पूरी तरह से अनियंत्रित होकर आसमान छू रही हैं।

उन्होंने कहा है कि महंगाई से त्राहि-त्राहि मची हुई है। भारतीय रुपये की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गिर रही है। केंद्र सरकार के अड़ियल रवैसे से कीमतें नियंत्रित नहीं हो सकतीं। भाजपा सरकार चुनावी वर्ष में पूंजीपतियों व धन्नासेठों को नाराज नहीं करना चाहती है। जिनके धनबल पर वह केंद्र की सत्ता में आयी है और फिर उन्हीं के धनबल पर दोबारा सत्ता में आने का सपना देख रही है। कांग्रेस ने यूपीए की सरकार वर्ष 2004 में बनने के बाद वर्ष 2010 में पेट्रोल को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया था, लेकिन भाजपा ने सरकार बनने के तुरन्त बाद ऐसा कर दिया।

उन्होंने कहा है कि इतना ही नहीं बिना पूरी तैयारी के नोटबंदी की आर्थिक इमरजेन्सी देश की जनता पर थोप दी गई। इसके बाद जीएसटी। भाजपा सरकार पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करते-करते लगभग उसी प्रकार की गलत आर्थिक व जनविरोधी फैसलों व भ्रष्टाचार से घिरी हुई नजर आ रही है, जिस प्रकार कांग्रेस सरकार अपने 10 साल के कार्यकाल के आखिरी वर्ष में घिरी हुई नजर आई थी। इसके चलते कांग्रेस को सत्ता से हाथ धोना पड़ा था। कहा कि भारत बंद के दौरान कुछ राज्यों में हुई हिंसा से बसपा कतई सहमत नहीं है और इसकी निंदा करती है।


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