
राजभर ने अब से कुछ ही देर पहले पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग योगी सरकार को लौटा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग में नियुक्तियों को लेकर उन्होंने योगी सरकार को सुझाव दिए थे। जिन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। जिस पर उन्होंने विभाग छोड़ने का फैसला लिया।
राजभर ने कहा कि प्रदेश में पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया। जिसके लिए मैंने कुछ नामों का सुझाव दिया था लेकिन मेरे सुझाव वाले एक भी नाम को नहीं माना गया और आयोग के पदाधिकारियों की घोषणा कर दी गई। जब मेरी कोई बात ही नही सुनी जाएगी तो विभाग अपने पास रखने का कोई मतलब नहीं।
वहीं, गठबंधन में शामिल होने पर उन्होंने कहा कि हमारी हर किसी से बात हो रही है। हम 24 फरवरी तक इंतजार करेंगे और फिर निर्णय लेंगे।
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