
मृत बच्चों के परिजनों को दो-दो लाख रु0 आर्थिक सहायता की घोषणा
घायल बच्चों को 25-25 हजार रु0 की आर्थिक मदद
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सीतापुर जनपद में आदमखोर कुत्तों के हमलों से घायल बच्चों का हाल-चाल लेने जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां पहुंचकर घायल बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने आदमखोर कुत्तों के हमलों में अपने बच्चों को खो देने वाले परिजनों को उनके सहायतार्थ दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। साथ ही, घायल बच्चों के लिए 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिये जाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों के 22 गांवों को पहले चरण में ओ0डी0एफ0 के लिए चयन करते हुए खुले में शौच से मुक्ति का अभियान चलाया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बच्चों के बेहतर इलाज के निर्देश दिये और कहा कि बच्चों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाये। उन्होंने इस अवसर पर बच्चों के परिजनों को ढांढस भी बंधाया और कहा कि इस प्रकार की घटनाओं के प्रति सरकार पूरी तरह से सजग है। आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिये बरेली, मथुरा तथा लखनऊ की टीमें लगायी गयी हैं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में जन जागरूकता अभियान चलाये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों को अकेले न भेजा जाए। उन्होंने इन घटनाओं को दुःखद एवं संवेदनशील बताते हुए कहा कि इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। प्रशासन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हर हाल में रोके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाएं बच्चों के शौच क्रिया के लिये जाते समय ज्यादा होती हैं। सभी गांवों को ओ0डी0एफ0 कर इन घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी गांवों को शीघ्र ओ0डी0एफ0 किया जाए।
मुख्यमंत्री भ्रमण के दौरान विकास खण्ड खैराबाद के ग्राम गुरपलिया भी गये और पीड़ित बच्चों के परिजनों से मिले। उन्होंने पूछा कि बच्चे के इलाज में किसी भी प्रकार की दिक्कत तो नहीं आ रही है। परिजनों ने बताया कि अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। अस्पताल की तरफ से मुफ्त दवाएं दी जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने ग्राम गुरपलिया से वापस आकर पुलिस लाइन में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने जिला प्रशासन से कुत्तों के आतंक से प्रभावित जनता को छुटकारा दिलाने के लिये की गयी कार्यवाही की जानकारी ली।
इस अवसर पर जिलाधिकारी श्रीमती शीतल वर्मा ने बताया कि जनपद सीतापुर के खैराबाद क्षेत्र में खूंखार कुत्तों द्वारा किये जा रहे हमलों के कारण बच्चों की मृत्यु के दृष्टिगत जिला प्रशासन ने सभी प्रभावित ग्रामों में बच्चों की सुरक्षा हेतु निगरानी टीमों का गठन किया गया है। बचाव हेतु नागरिकों से टीम बनाने की अपील जारी की गयी है। जिन बच्चों की मृत्यु हो गयी है, उनके विवरण साझा किये गये हैं। इन हमलों का मुकाबला करने के लिये लखनऊ के कान्हा उपवन में अब तक 42 कुत्तों को नसबन्दी के लिये भेजा गया है। इन कुत्तों को नसबन्दी उपरान्त उनके मूल क्षेत्र में भेजा जायेगा। नगर पालिका परिषद खैराबाद द्वारा प्रत्येक कुत्ते पर 1200 रुपये का व्यय किया है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी विद्यालयों को एडवाइजरी जारी कर निर्देशित किया गया है कि वे सभी छात्रों के माता-पिता को इसकी जानकारी दे दें। पशु जन्म नियंत्रण (ए0बी0सी0) क्लीनिक प्रारम्भ की गयी है। इसके लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा पशुपालन विभाग को भवन उपलब्ध करा दिया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि कुत्तों द्वारा किये जा रहे हमलों के कारणों की पहचान करने के लिये डब्लू0डब्लू0एफ0 के पशु विशेषज्ञ हमारे साथ हैं और वे बराबर डी0एफ0ओ0 से समन्वय बनाये हुये हंै। आई0वी0आर0आई0 बरेली की टीम भी इस हिंसक व्यवहार के कारणों का विश्लेषण करने के लिये जनपद में आ रही है। विश्लेषण उपरान्त केस स्टडी के रूप में डाॅक्यूूमेंटेशन किया जाएगा। जिला पुलिस द्वारा भी कुत्तों द्वारा किये जा रहे हमलों का पता लगाने एवं बच्चों पर अग्रेतर हमलों को रोकने के लिये सक्रियता और सजगता बढ़ायी गयी है। उन्होंने कहा कि पशु अधिकारों, संबंधित कानूनों एवं मा0 सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों के उचित अनुपालन के साथ जिला प्रशासन द्वारा इस सम्बन्ध में किये गये प्रयासों को देखने के लिये सभी पशु कल्याण संगठनों और पशु प्रेमियों/कार्यकर्ताओं को भी सीतापुर में आमंत्रित किया गया है। इस संबंध में किसी अन्य जानकारी के लिये जनपद के वन, पशु चिकित्सा एवं राजस्व विभाग से सम्पर्क स्थापित किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण एवं शासन व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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