मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को प्रत्येक जनपद का नोडल अधिकारी नामित किया


यह अधिकारीगण आवंटित जनपद में 04 दिन भ्रमण करके शासन की प्राथमिकताओं एवं विकास कार्याें का प्रभावी अनुश्रवण एवं स्थलीय निरीक्षण करेंगे, जनसमस्याओं का प्रभावी निराकरण भी सुनिश्चित कराएंगे

सभी नोडल अधिकारी आवंटित जनपद में 03 सितम्बर, 2021 की सायंकाल तक पहुंचकर जनपद में 04 दिन तक समीक्षा एवं स्थलीय निरीक्षण करने के उपरान्त 07 सितम्बर, 2021 को मुख्यालय प्रस्थान करेंगे

लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को प्रत्येक जनपद का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। यह अधिकारीगण आवंटित जनपद में 04 दिन भ्रमण करके शासन की प्राथमिकताओं एवं विकास कार्याें का प्रभावी अनुश्रवण एवं स्थलीय निरीक्षण करेंगे। साथ ही, जनसमस्याओं का प्रभावी निराकरण भी सुनिश्चित कराएंगे। सभी नोडल अधिकारी आवंटित जनपद में 03 सितम्बर, 2021 की सायंकाल तक पहुंचकर जनपद में 04 दिन तक समीक्षा एवं स्थलीय निरीक्षण करने के उपरान्त 07 सितम्बर, 2021 को मुख्यालय प्रस्थान करेंगे।
इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। इसके तहत नोडल अधिकारी डेंगू, मलेरिया आदि संचारी रोगों के नियंत्रण के सम्बन्ध में स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में की जा रही कार्यवाही के सम्बन्ध में समीक्षा एवं निरीक्षण करेंगे। नोडल अधिकारी बाढ़/अतिवृष्टि के दृष्टिगत बचाव व राहत कार्याें की भी समीक्षा करेंगे।
नोडल अधिकारीगण गांवों में पूर्ण स्वच्छता (सॉलिड/लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट), एण्टी लार्वा स्प्रे तथा फॉगिंग, जल-जमाव की स्थिति के निस्तारण, आबादी वाले इलाकों में झाड़ियों की साफ-सफाई तथा पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।
नोडल अधिकारीगण शहरी निकायों के प्रत्येक वॉर्ड की गलियों/नालियों/मुख्य मार्गाें पर नियमित साफ-सफाई/डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन एवं सैनिटाइजेशन/फॉगिंग की स्थिति को परखेंगे। पड़ाव घरों से नियमित रूप से कूड़ा उठान/निस्तारण की स्थिति, प्रत्येक वॉर्ड में जल भराव क्षेत्र को चिन्हित कर एण्टी लार्वा छिड़कावों, ब्लीचिंग पाउडर, मेलथियान डस्ट, इत्यादि नियमित रूप से छिड़काव की स्थिति एवं अधिकारियों/कर्मचारियों के दायित्व निर्धारण की स्थिति, निकाय में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के स्रोतों (हैण्डपम्प, टैंकर, नलकूप इत्यादि) की स्थिति, शुद्ध पेयजल पाइप लाइन में लीकेज की नियमित जांच/मरम्मत एवं क्लोरिनेशन की स्थिति, पेयजल के नमूनों की नियमित जांच एवं क्लोरीन टैबलेट के नियमित वितरण की स्थिति,  District Environment plan/Air quality  एवं Water quality  के लिए एक्शन प्लान की स्थिति की समीक्षा करेंगे।
नोडल अधिकारी बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के परिसर एवं शौचालयों की साफ-सफाई की व्यवस्था तथा विद्यालयों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।

नोडल अधिकारियों द्वारा जनपदों में की गयी समीक्षा की रिपोर्ट सम्बन्धित विभागों को ई-मेल द्वारा प्रेषित की जाएगी। विकास कार्याें एवं स्थलीय निरीक्षण की रिपोर्ट कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करायी जाएगी।
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