मुख्यमंत्री योगी बेसहारा बच्चों से बोले , चिंता मत करना मैं हूं ना



कोरोना से माता पिता दोनों को खोने वाले पांच बच्चों से गोरखनाथ मंदिर में मिले मुख्यमंत्री

प्यार दुलार कर दिया उपहार, कहा आपके साथ खड़ी है सरकार

बाल आश्रय गृह भी पहुंचे मुख्यमंत्री, हर बच्चे से की बात, गायत्री मंत्र सुन हुए प्रसन्न

लखनऊ । बच्चों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आत्मीयता ऐसी होती है कि मानों वह खुद उनके अभिभावक हों। बात अगर बेसहारा बच्चों की हो तो उनकी संजीदगी, बच्चों के प्रति निश्छल प्रेम, वहां मौजूद लोगों को भी भाव विभोर करने वाली होती है। सीएम योगी ने शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर में कोरोना से माता पिता दोनों को खो चुके पांच बच्चों से मुलाकात की। वह जेल रोड पर स्थित एक बाल आशय गृह भी पहुंचे। दोनों मुलाकातों में उन्होंने बेसहारा बच्चों को स्नेहिल आशीष दिया। बोले, माता पिता का न रहना बेहद दुखदायी है लेकिन चिंता मत करो, मैं हूं ना। बच्चों को प्यार दुलार के साथ उपहार देते हुए कहा, उनके साथ सरकार हर पल खड़ी है।

शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जब कोरोना से माता पिता दोनों को खोने वाले जिले के पांच बच्चों से सीएम योगी मिले तो उन्हें देख उनकी आंखें नम हो गईं। माहौल बेहद भावुक था।
परवरिश से लेकर पढ़ाई तक सरकार की जिम्मेदारी
एक एक कर उन्होंने बच्चों को दुलारते हुए उनके साथ आए लीगल गार्जियन से बात की। अभिभावक की तरह सबको समझाया, खूब पढ़ने लिखने को प्रेरित किया। कहा कि तनिक भी घबराने की जरूरत नहीं है। उनके साथ सरकार खड़ी है। परवरिश से लेकर पढ़ाई तक सारा खर्च सरकार उठाएगी। बच्चे जब उनसे विदा लेने लगे तो उन्होंने सबको उपहार भी दिया।

शुक्रवार को बलिया और वाराणसी के दौरे पर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री जेल रोड स्थित एशियन सहयोगी संस्था द्वारा संचालित बाल आश्रय गृह पर भी गए। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद सभी बच्चों को दुलारा, उनका नाम पूछा। बच्चों ने जब सीएम योगी को गायत्री मंत्र व महामृत्युंजय मंत्र सुनाया तो वह प्रसन्न हो गए। एक मासूम बच्ची ने मुख्यमंत्री को अंग्रेजी का अल्फाबेट सुनाया। बच्चों ने उन्हें योग के बारे में भी बताया। अभिभावक की भूमिका में यहां नजर आ रहे मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को वस्त्र व उपहार प्रदान किया।

सभी को खूब मन लगाकर पढ़ने को प्रेरित किया। सीएम ने आश्रय गृह की संचालिका उषा दास से कहा कि बच्चों की परवरिश व शिक्षा में कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए, सरकार हर संभव मदद देगी। संचालिका ने बताया कि यहां इस समय कुल 40 बच्चेहैं। 22 बच्चें शून्य से लेकर 2 साल तक के हैं, बाकी 18 बच्चे 2 से लेकर 6 वर्ष के।


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