मुख्यमंत्री योगी देश के सबसे बड़े डाटा सेंटर का 31 अक्तूबर को ग्रेटर नोएडा उद्घाटन करेंगे


ग्रेटर नोएडा | देश के करीब 60 फीसदी लोगों का डाटा ग्रेटर नोएडा के योट्टा डाटा सेंटर में सुरक्षित रखा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 31 अक्तूबर को प्रदेश के पहले और ग्रेटर नोएडा में देश के सबसे बड़े डाटा सेंटर का उद्घाटन करेंगे। परियोजना का पहला चरण दो साल में पूरा हुआ है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस डाटा सेंटर में लोगों के सोशल मीडिया का डाटा सुरक्षित रखा जाएगा।

ग्रेटर नोएडा में बनने वाले कंप्यूटर सर्वर का डाटा स्टोर व प्रोसेसिंग करने में आसानी होगी। डाटा सेंटर में सोशल मीडिया मसलन फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यू-ट्यूब आदि प्लेटफॉर्म के ही करोड़ों उपभोक्ताओं का डाटा सुरक्षित रखा जाएगा। साथ ही बैंकिंग, व्यापार, स्वास्थ्य सेवा, यात्रा, पर्यटन और आधार आदि का डाटा भी सेंटर में सुरक्षित रहेगा। प्राधिकरण ने डाटा सेंटर बनाने के लिए हीरानंदानी ग्रुप को नॉलेज पार्क- पांच में 15 अक्तूबर 2020 को करीब 116 करोड़ रुपये में 81 हजार वर्गमीटर जमीन आवंटित की थी।

डाटा सेंटर का पहला टावर जुलाई 2022 में शुरू करने का लक्ष्य था। कोविड-19 के कारण इसमें देरी हो गई। अब यह डाटा सेंटर का पहला टावर तैयार हो गया है। इसकी क्षमता 30 मेगावाट डाटा स्टोर करने की होगी। डाटा सेंटर में करीब सात हजार करोड़ का निवेश होगा। इससे प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से करीब 1500 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा दो टावरों का निर्माण जनवरी 2022 में शुरू किया जा चुका है और इन दोनों टावरों की क्षमता 30-30 मेगावाट डाटा स्टोर करने की होगी। दोनों टॉवर जुलाई 2024 तक तैयार हो जाएंगे। जबकि इस तरह के कुल छह टावर बनाए जाएंगे।

देश में कुल 400 मेगावाट की क्षमता के हैं डाटा सेंटर
देश में डाटा सेंटरों की वर्तमान में कुल क्षमता 400 मेगावाट है। इसमें से 180 मेगावाट की जरूरत इसी योट्टा डाटा सेंटर पार्क से पूरी हो जाएगी। उत्तर प्रदेश में डाटा सेंटर को इनवेस्ट यूपी के तहत कंपनी ने ग्रेटर नोएडा को चुना।

– 7000 करोड़ का निवेश होगा परियोजना पर
– 1500 लोगों मिलेगा रोजगार
– 2 वर्ष में पूरा हुआ परियोजना का पहला टावर
– हीरानंदानी ग्रुप 6 टावरों का करेगा निर्माण


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