नई दिल्ली। विभिन्न मुद्दों को लेकर पिछले कई दिन से सदन में आसन के समक्ष आकर हंगामा और नारेबाजी कर रहे विपक्षी कांग्रेसी सदस्यों पर रोष जाहिर करते हुए जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंगा, यमुना नदियों की गंदगी को तो साफ कर देंगे लेकिन ‘सदन में ये जो गंदगी है’ उसे कौन साफ करेगा?
उमा भारती ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान यमुना नदी की सफाई को लेकर किए गए सवालों का जवाब देने के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री मोदी गंगा और यमुना नदियों को तो साफ कर देंगे लेकिन सदन में ये जो ‘‘गंदगी’’ हो रही है उसे कौन साफ करेगा? उन्होंने कांग्रेसी सदस्यों की नारेबाजी के बीच आसन से कहा कि मैडम या तो आप इस मामले को देखें या कांग्रेस अध्यक्ष इस गंदगी को साफ करने की जिम्मेदारी लें।’
गौरतलब है कि ‘संघीय ढांचे पर प्रहार’ करने, देश में दलितों पर कथित अत्याचार और सीबीआई के ‘दुरुपयोग’ आदि मुद्दों को लेकर पिछले करीब सप्ताहभर से कांग्रेसी सदस्य आसन के समक्ष आकर नारेबाजी कर रहे थे।
सदन की बैठक दोपहर दो बजे फिर शुरू होने पर उप सभापति कुरियन ने पोलावरम परियोजना से जुड़े ध्यानाकषर्ण प्रस्ताव पर चर्चा कराने को कहा। किन्तु जल संसाधन मंत्री उमा भारती सदन में उपस्थित नहीं थीं। संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इस पर कुरियन को सूचित किया कि संबंधित मंत्री ने अपनी पूर्व निर्धारित व्यस्तताओं के कारण आज सदन में आने में असमर्थता संबंधी सूचना लिखित में सभापति के पास भिजवा दी है।
ध्यानाकषर्ण प्रस्ताव पेश करने वाले बीजद के दिलीप तिर्की ने कहा कि वह इस मुद्दे पर सोमवार या अगले सप्ताह किसी दिन चर्चा कराने के लिए तैयार हैं। कुरियन ने उनके इस सुझाव पर सदन की राय ली और चर्चा को अगले सप्ताह के लिए टाल दिया।
इसी बीच, कांग्रेस के सदस्य अरूणाचल प्रदेश के राज्यपाल के मुद्दे पर नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष आ गए। हंगामे के बीच ही कुरियन ने अनुसूचित जाति और जनजाति :अत्याचार निवारण: संशोधन विधेयक पर चर्चा शुरू कराने को कहा। उन्होंने नारेबाजी कर रहे कांग्रेस के सदस्यों से कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने आश्वासन दिया है कि वह इस विधेयक को पारित कराएंगे लिहाजा सदस्यों को अपने स्थानों पर लौट जाना चाहिए और विधेयक पर चर्चा होने देनी चाहिए।
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