
लखनऊ| यादव परिवार में जहां घमासान मचा हुआ है वहीं, सीएम अखिलेश यादव ने इस झगड़े के बीच चुनावों की तैयारी में लगे हुए हैं। उन्होंने इसके लिए बकायदा अपनी टीम के लोगों को जिम्मेदारियां भी सौंप दी।सीएम की टीम में डिम्पल यादव, आलोक रंजन, राम गोपाल यादव, किरनमय नंदा, नरेश अग्रवाल, रामगोविंद चैधरी, एडविट विक्रम सिंह, बृजेश यादव जैसे लोग शामिल हैं।
सीएम अखिलेश ने पत्नी सांसद डिम्पल यादव को सोशल कैम्पेनिंग के सुपरविज़न की जिम्मेदारी दी है। इसमें उन्हें बूथ लेवल पर महिलाओं को सपा से जोड़ने और अधिक से अधिक ‘योजना प्रमुख’ बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। रामगोपाल यादव-आलोक रंजन को मीडिया मैनेजमेंट और इलेक्शन कैम्पेनिंग की जिम्मेदारी सौंपी है। इसमें राम गोपाल यादव को पार्टी से संबंधित कार्य ।
किरनमय नंदा और रामगोविंद चैधरी को पार्टी काडर को एकजुट करने की जिम्मेदारी परिवार में चल रहे विवाद में राज्यसभा सांसद किरनमय नंदा को भी सीएम अखिलेश यादव ने अहम काम सौंपा है। किरनमय नंदा को पार्टी काडर और अखिलेशवादी नेताओं को एकजुट करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही कैबिनेट मंत्री व पुराने समाजवादी राम गोविंद चैधरी को पूर्वांचल में अखिलेश खेमे को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही उन्हें पुराने नेताओं और सभी समाजवादियों को एक मंच पर लाने अखिलेश यादव के साथ करने का काम मिला है।
सीएम जानते हैं कि चुनाव में फंड की बहुत जरूरत होती है। ऐसे में उन्होंने फंड मैनेजमेंट की जिम्मेदारी राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल को दी है। वहीं, सीएम के करीबी माने जाने वाले मंत्री अभिषेक मिश्रा को चुनावों में लगने वाली गाड़ियों व हवाई दौरे करने के लिए एअरपोर्ट प्रबंधन, एअर ट्रवेल एजेंसीज़ से तालमेल बिठाने की जिम्मेदारी दी गई है।
इनके अलावा युवजन सभा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजेश यादव को अधिक से अधिक युवाओं को अखिलेश से जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है।
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