कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी से मुलाक़ात के बाद सीएम योगी ने दिए रायबरेली कांड के जांच के आदेश


13690611_1196873907019818_8068506603782999616_n
लखनऊ. रायबरेली के इटौरा बुजुर्ग में पांच लोगों को बर्बरतापूर्वक ज़िंदा जला देने के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है. उन्होंने इस घटना के जांच के आदेश देते हुए मृतकों के परिवार वालों को पांच-पांच लाख रूपये की आर्थिक सहायत देने की भी घोषणा की है. इस मामले में शनिवार को कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और उनकी बेटी कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें घटनाके बारे में पूरी जानकारी दी.
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी और अराधना मिश्रा ने मुख्यमंत्री के सामने घटना से जुड़े अहम दस्तावेज पेश किए. उन्होंने मुख्यमंत्री को मृतकों के पोस्ट-मार्टम रिपोर्ट के साथ घटना से जुड़े अहम् दस्तावेज दिए.इनमें घटना के सम्बन्ध में रायबरेली और राजधानी से प्राकशित समाचारपत्रों की कटिंग भी शामिल हैं. बता दें इस मामले में रायबरेली पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है. रायबरेली के एसपी गौरव सिंह ने घटना के तुरंत बाद गलत बयानी कर मृतकों केबारे में गलत जानकारी दी थी. उनके मुताबिक़ मृतक रोहित शुक्ला, ब्रिजेश शुक्ला, अनूप मिश्र, अंकुश मिश्र और नीरज शुक्ल फायरिंग करके भाग रहे थे. इसी दौरान उनकी सफारी एक बिजली के खम्बे से टकरा गई और बिजली का तार गिरने से उसमें आग लग गई, जिसके चलते उन तीनों की मौत हो गई. लेकिन पोस्ट-मार्टम रिपोर्ट ने इस झूठ की पोल खोल दी.
 पोस्ट-मार्टम रिपोर्ट और घटना के समय मृतकों के साथ सफारी में मौजूद मृतक के छोटे भाई प्रत्यक्षदर्शी देवेश शुक्ला के बयान ने इस जघन्य हत्याकांड की हकीकत सामने ला दी. देवेश दवारा दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक आपटा गांव के पास राजा यादव, कृष्ण कुमार यादव, प्रदीप यादव और पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिवकुमार यादव समेत अन्य 3-4 लोगों ने उनकी सफारी पर फायरिंग शुरू कर दी. देवेश के मुताबिक़ हमलावरों ने बच्चा शुक्ल, अंकुश मिश्रा, अनूप मिश्रा को गाड़ी से बाहर निकालकर लाठियों से पीटकर अधमरा कर दिया. इसके बाद गाड़ी में आग लगा दी. झुलसने के कारण बच्चा, अंकुश, अनूप, रोहित शुक्ला और बृजेश शुक्ल की मौत हो गई. इस घटना में देवेश शुक्ल और वीरू पांडेय ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई. पोस्ट-मार्टम रिपोर्ट के अनुसार हमलावरों ने बेरहमी के साथ रोहित शुक्ला और बृजेश कुमार शुक्ला की जान लेने से पहले उनके हाथ-पैर काट डाले थे. शव को जब पोस्ट-मार्टम के लिए भेजे जाते समय ये अंग गायब मिले. इस घटना में मारे गए एनी लोगों के या तो सिर की या चेहरे की हड्डी टूटी मिली. मृतक रोहित शुक्ला के सिर पर दाईं तरफ चोट, सिर पर बाईं तरफ फ्रैक्चर था. उसके दोनों पैर और एक हाथ बेरहमी से कट दिए गए थे. उसका शव सौ फीसदी जल चुका था.
इसी तरह बृजेश कुमार शुक्ला के दोनों हाथ और पैर काट दिए गए थे, उसके सिर के पिछले हिस्से पर फ्रैक्चर और उसका भी शरीर सौ फीसदी जल चुका था.. अनूप मिश्रा के सिर सिर की हड्डी में फ्रैक्चर था. उसकी दाई जांघ पर गोली मारी गई थी. उसकी कमर पर लाठी की चोट के निशान थे थी. शरीर का पिछला हिस्सा जला था. इसी तरह पोस्ट-मार्टम रिपोर्ट में भाष्कर मिश्रा उर्फ अंकुश मिश्रा के सिर पर फ्रैक्चर की बात सामने आई है. चेहरे के के नीचले हिस्से को बुरी तरह कूंचा गया था. इसके अलावा शरीर पर जले का निशान था और दायें पैर को धारदार हथियार से काटा गया था. नारेंद्र शुक्ला के चेहरे और सिर को ईंटों से कुचला गया था. उसके सिर और चेहरे की हड्डी टूटी मिली. उसके दाहिने कंधे पर घसीटने का निशान था. पोस्ट-मार्टम रिपोर्ट पुलिस की शुरूआती थ्योरी को झुठलाते हुए बता रही है कि बेरहमी के साथ इन पांचों लोगों का कत्ल किया गया था.


Scroll To Top
Translate »