
luckno w |जीडीए में गाजियाबाद के 24 बिल्डर के कंप्लीशन प्रमाण पत्र आवेदन रद्द होने से लगभग आठ हजार फ्लैटों का कब्जा अब देर से मिलेगा। रेरा के अन्तर्गत आने के चलते बिल्डर को अब सभी काम पूरे करके कब्जा देना होगा। इससे आवंटियों को सुविधाएं तो सब मिलेंगी, मगर इंतजार लंबा हो जाएगा। इनमें से अधिकांश प्रोजेक्ट ऐसे हैं, जिनकी कब्जे देने की समय सीमा बहुत पहले ही बीत चुकी है।
दरअसल बिल्डरों ने खरीदरों को भरोसा दिया था वह फ्लैट जल्दी तैयार करा देंगे। इस एवज में उनसे मोटी रकम ले ली थी। फ्लैट पर कब्जा लेने से पहले लगभग 80 फीसदी तक की रकम जमा करा ली जाती है।
जिन 24 बिल्डर के कंप्लीशन प्रमाण पत्र आवेदन रद्द हुए हैं, इनमें से अधिकांश ने खरीदारों को यकीन दिलाया था कि दिवाली तक फ्लैट पर कब्जा दिला दिया जाएगा। जीडीए के अधिकारियों के मुताबिक मैसर्स सुपर रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड ग्राम बेहटा, मैसर्स फ्रेंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड जीटी रोड, श्रीहंसराज दुआ, ज्ञानखंड इदिरापुरम, मैसर्स रामप्रस्थ बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड, वैशाली, चामर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड अंहिसा खंड आदि के आवेदन रद्द किए हैं।
सूत्रों ने बताया जीडीए वीसी कंचन वर्मा ने बिल्डरों के फ्लैटों की जांच करने के लिए टीम का गठन किया। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि कुछ बिल्डरों ने स्वीकृत नक्शे के विपरीत फ्लैट बना डाले। ऐसे बिल्डरों पर तलवार लटक गई है।
जीडीए ने अपने 13 प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन रेरा के तहत करा लिया है। इन सभी का प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र मिल चुका है। प्राधिकरण का परमानेंट रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र लेना है तो रेरा के खाते में 9 लाख जमा कराने होंगे।
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