कांग्रेस के 25 सांसद 5 दिन के लिए निलंबित


2015_8image_16_00_239440672s-llनई दिल्ली; लोकसभा से कांग्रेस के 25 सांसदों को 5 दिन के लिए निलंबित कर दिया गया है। सदन में पोस्टर लहराने की वजह से लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने इन सांसदों को निलंबित कर दिया है। स्पीकर इन सांसदों को पहले ही चेतावनी दे चुकी थीं, लेकिन ये सांसद नहीं मान रहे थे। निलंबित किए गए सदस्यों में दीपेन्द्र सिंह हुड्डा, निनोंग ईरिंग, सुष्मिता देव, राजीव सातव, के एच मुनियप्पा, थोकचम मेनिया, रंजीत रंजन, अबु हसन तथा अभिजीत मुखर्जी समेत कुल 25 सदस्य हैं। इससे पहले, पिछले सप्ताह भी अध्यक्ष ने कांग्रेस के एक सदस्य अधीर रंजन चौधरी को इसी आधार पर एक दिन के लिए सदन की कार्यवाही से निलंबित किया था। ससपेंड किए गए सभी कांग्रेसी सांसद प्ले कार्ड को लेकर हंगामा कर रहे थे, जिसके चलते सुमित्रा महाजन ने 27 सांसदों को निलंबित किया है।
 महाजन ने सांसदों के निलम्बन की घोषणा करने से पहले उनके नाम लेकर तख्तियां नहीं दिखाने और अपनी सीटों पर जाने का बार-बार अनुरोध किया और ऐसा नहीं करने वाले सदस्यों के खिलाफ कडी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि वह लगातार नौ दिन से सदस्यों से इस तरह की अपील कर रही है लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कुछ सदस्य 350 लोगों के हक को दबा रहे हैं जो सदन में अपनी बात रखना चाहते हैं।  उन्होंने कहा कि सदस्यो को विरोध करने का हक है लेकिन तख्तियां लहराना पूरी तरह अनुचित है। विरोध के दूसरे तरीके हो सकते हैं। अपनी ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भी उन्होंने यह बात स्पष्ट की थी।
इस बीच तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंधोपाध्याय ने अध्यक्ष से सदस्यों को निलंबित नहीं करने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे स्थिति और खराब होगी। उनका कहना था कि गतिरोध का एक दो दिन में हल निकल सकता है। अध्यक्ष ने कहा कि वह उनकी बात मानने को तैयार हैं लेकिन क्या वह गारंटी दे सकते हैं कि सदस्य इस तरह का व्यवहार नहीं करेंगे। श्री बंधोपाध्याय ने कहा कि वह सिर्फ अपनी पार्टी के सदस्यों की गारंदी दे सकते हैं और वे आसन के समक्ष नहीं जा रहे हैं। इस पर महाजन ने कहा कि वह श्री बंधोपाध्याय की बात का सम्मान करते हुए सदस्यों को पांच मिनट का समय देती हैं और यदि पांच मिनट के भीतर तख्तियां हटा लेते हैं तो सदस्यों के खिलाफ कार्यवाही रोकी जा सकती है।
इसी दौरान संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव प्रताप रूढी ने कहा कि वह बंधोपाध्याय की बात से सहमत हैं। हम चर्चा के लिए तैयार हैं लेकिन सदस्यों को तख्तियां नहीं लहराने और अपनी सीटों पर रहने की अध्यक्ष की बात माननी चाहिए। गौरतलब है कि इस तरह की नेताओं द्वारा सदन के अंदर करना संविधान के कानून के खिलाफ हैं।

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