संसद में पहली बार बोलीं सुषमा, नहीं की ललित मोदी की मदद


 

2015_8image_12_58_158573847sushma-bनई दिल्ली: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उन्होंने आईपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी को यात्रा दस्तावेज जारी करने के लिए ब्रिटिश सरकार से कोई अनुरोध नहीं किया था और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार एवं तथ्यहीन हैं। सुषमा ने राज्यसभा में यह टिप्पणी की, लेकिन कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण वह अपनी बात पूरी नहीं कर सकीं और उपसभापति पी जे कुरियन ने बैठक दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

सुषमा का बयान
सुषमा ने कहा कि वह पहले दिन से कह रही हैं कि वह अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने कहा कि ललित मोदी को मदद देने का आरोप निराधार और आधारहीन हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने ललित मोदी को यात्रा दस्तावेज जारी करने के लिए ब्रिटिश सरकार से कोई अनुरोध या सिफारिश नहीं की है।’ उनके बयान के बीच ही कांग्रेस सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया और आसन के समक्ष आ गए। हंगामे को देखते हुए कुरियन ने बैठक 11 बजकर 15 मिनट पर दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

बिना चर्चा पीएम नहीं दे सकते जवाब
कांग्रेस के सदस्य ललित मोदी और व्यापमं मामलों में जवाबदेही तय किए जाने और इस संदर्भ मेें विदेश मंत्री और राजस्थान तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इससे पहले सदन में कांग्रेस के आनंद शर्मा ने पीएम से इस पर बयान देने की मांग की। उन्होंने पूछा कि पीएम ने करप्शन में फंसे नेताओं पर अब तक क्या कार्रवाई की है। इस पर सभापति ने कहा कि बिना चर्चा कराए पीएम कैसे बयान दे सकते हैं। इस पर सदन के नेता और वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि सुषमा स्वराज एक बयान देंगी ताकि चर्चा शुरू हो सके।

कांग्रेस बोली, प्रधानमंत्री चुप्पी तोड़ो
सुबह कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस सदस्य तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए। कांग्रेस सदस्यों की तख्तियों पर लिखा था, ‘भ्रष्टाचार पर लंबे चौड़े भाषण, ललित मोदी पर क्यों मौनासान’, ‘जब बड़े मोदी मेहरबान, तो छोटे मोदी पहलवान’, ‘मोदीजी 56 इंच दिखाओ, सुषमा, वसुंधरा को हटाओ। प्रधानमंत्री चुप्पी तोड़ो’ टीआएस सदस्य भी तख्तियां लेकर तेलंगाना में पृथक उच्च न्यायालय स्थापित करने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री की सीट के बगल में सत्तापक्ष के स्थान के समीप आकर खडे हो गए। इस दौरान कांग्रेस, वामदलों एवं कुछ अन्य विपक्षी सदस्य आसन के समीप तख्तियां लेकर नारेबाजी करना जारी रखा। राजद और जदयू के सदस्य जाति गणना के आंकड़े प्रकाशित करने की मांग कर रहे थे।

सोनिया का पीएम पर तीखा हमला
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए कहा, पीएम मोदी देश में सिर्फ मार्केटिंग कर रहे हैं। मन की बात मौन व्रत बन गया है। वह सहयोगियों के भ्रष्टाचार पर मौन धारण किए हुए हैं। उन्होंने आगे कहा, मोदी एक तरफ से नैतिकता, पारदर्शिता, साख का दावा करने का मौका नहीं चूकते, लेकिन सहयोगियों के भ्रष्टाचार पर चुप रहते हैं। सोनिया का कहना था कि मोदी ने जितने वादे किए थे उन्हें पूरा करने में नाकाम साबित हुए हैं। संसद सत्र भले छोटा हो, लेकिन कई घटनाओं से भरा हुआ है।

राहुल गांधी ने कहा, भ्रष्टाचारी दे इस्तीफा
वहीं राहुल गांधी ने कहा कि भ्रष्टाचारियों को इस्तीफा दे देना चाहिए। कांग्रेस की मांग है कि देश के भगोड़े और आईपीएम के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी को मदद पहुंचाने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का इस्तीफा होना चाहिए। कांग्रेस की ये भी मांग है कि ललिटगेट में राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी शामिल हैं, इसलिए उनकी भी कुर्सी जानी चाहिए। व्यापमं घोटाले के कथित गुनाहगार मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह का भी इस्तीफा होना चाहिए।

कैसे सामने आया था मामला?
ब्रिटेन के अखबार द संडे टाइम्स ने 14 जून को एक खबर छापी जिसके बाद देश में बड़ा विवाद शुरू हो गया। अखबार के मुताबिक जुलाई 2014 में ललित मोदी ने पत्नी मीनल मोदी की पुर्तगाल में कैंसर सर्जरी से पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से संपर्क किया। मोदी को ब्रिटेन से बाहर जाने की इजाजत नहीं मिल रही थी। सुषमा ने ब्रिटेन स्थित भारतीय मूल के सांसद कीथ वाज से बात की। उन्हें बताया कि अगर मोदी को ट्रेवल डॉक्यूमेंट्स दिए जाते हैं तो इससे भारत-ब्रिटेन के संबंधों पर असर नहीं पड़ेगा। सुषमा की इसी मदद से सरकार बैकफुट पर आ गई। जो सरकार एक साल तक बेदाग गवर्नेंस का प्रचार कर रही थी, उसी की विदेश मंत्री पर किसी को अनुचित फायदा पहुंचाने का आरोप लग गया।


Scroll To Top
Translate »