
जीडीए के नियमानुसार, जमीन की 25 फीसदी धनराशि जमा कराने के बाद प्राधिकरण जमीन का सेल एग्रीमेंट खरीददार के नाम कर देता है। इसी नियमानुसार, जीडीए ने सोमवार को इस जमीन का सेल एग्रीमेंट धर्मार्थ विभाग के नाम करते हुए उन्हें जमीन पर कब्जा दे दिया।
जीडीए के अधिकारियों का कहना है कि धर्मार्थ विभाग बाकी रकम 30 अप्रैल से पहले प्राधिकरण में जमा कराएगा। वहीं, सूत्रों का कहना है कि इसी हफ्ते धर्मार्थ विभाग जीडीए में नया नक्शा पास कराने के लिए भी दे सकता है। इसके बाद अप्रैल के दूसरे हफ्ते से निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
कैलाश मानसरोवर भवन के नक्शे में कुछ बदलाव किया गया है। अब यह भवन बेसमेंट सहित 4 मंजिला होगा। इसके चलते भवन निर्माण की लागत में भी इजाफा हो गया है। पहले भवन निर्माण की अनुमानित लागत 42.93 करोड़ रुपये आ रही थी, जो अब बढ़कर 57.98 करोड़ रुपये हो गई है। जल्द ही धर्मार्थ विभाग बदला हुआ नक्शा जीडीए में पास कराने के लिए देगा।
कविनगर रामलीला मैदान में पिछले साल 31 अगस्त को प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कैलाश मानसरोवर भवन का मंत्रोच्चारण के साथ शिलान्यास किया था। साथ ही उन्होंने इस भवन को एक साल के अंदर तैयार करने की घोषणा की। बता दें कि इससे पहले यह भवन अर्थला में प्रस्तावित था पर जमीन के विवाद के चलते यह इंदिरापुरम में शिफ्ट कर दिया गया। जमीन उपलब्ध कराने में जीडीए की अहम भूमिका रही थी और एक रात में जमीन तलाशने का काम पूरा कर लिया गया था।
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