कोर्ट से वापस हुई नारायण साई की अर्जी


सूरत । दो बहनों से दुराचार मामले में गुजरात पुलिस से भागते फिर रहे कथावाचक आसाराम के बेटे नारायण साईं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। नारायण के खिलाफ अब कोर्ट को गुमराह करने का भी मामला चलेगा।

सूरत जिला सत्र अदालत में बुधवार को नारायण की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने याचिका वापस ले ली। हालांकि वकीलों ने अग्रिम जमानत के लिए एक नई याचिका दायर की है, जिस पर 25 अक्टूबर को सुनवाई होने की संभावना है। मामले में कोर्ट ने आदेश दिया है कि संपूर्ण जांच कर पुलिस 30 नवंबर तक रिपोर्ट पेश करे। दूसरी तरफ इसी मामले में रिमांड अवधि पूरी होने पर आसाराम को मंगलवार देर रात जोधपुर जेल वापस पहुंचा दिया गया।

नारायण साईं ने अपने वकील कल्पेश देसाई और गौतम देसाई के माध्यम से अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। लेकिन अर्जी दायर होने के पहले दिन से ही याचिका में लगी नारायण की एफिडेविट को लेकर सवाल खड़ा हो था। पिछले 12 दिनों से कोर्ट में नारायण साईं की एफिडेविट को लेकर जिरह हो रही थी।

आखिरकार बचाव पक्ष के वकीलों ने बुधवार को नारायण साईं की अग्रिम जमानत याचिका को वापस ले लिया। नई जमानत अर्जी लगाने से अब नए सिरे से सुनवाई होगी। गत 11 अक्टूबर को दायर की गई याचिका में जांच एजेंसी द्वारा नोटरी पर नारायण के दस्तखत को लेकर कई सवाल खड़े किए जा रहे थे। इस बीच कड़ी सुरक्षा के बीच आसाराम जोधपुर जेल वापस आ गए। वह यहां नाबालिग छात्रा से दुराचार मामले में बंद हैं।


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