भइया, यह सोना वाले गांव का ही रास्ता है न। सोना कब निकलेगा, आप लोगों का मन क्या कहता है, सोना निकलेगा तो पूरा जिला चमक उठेगा। कुछ इस तरह के सवाल डौंडिया खेड़ा गांव में तैर रहे हैं।
13 अक्टूबर को रविवार होने के कारण डौंडिया खेड़ा के राव राम बक्स सिंह के किले पर अब तक की सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ी थी। कोई प्रतापगढ़ से आ रहा है तो कोई बांदा, गोंडा आदि जिलों से।
18 अक्टूबर को जब विदेशी मीडिया के लोग भी यहां पहुंचने लगे तो पूरे विश्व में डौंडिया खेड़ा का नाम पहुंच गया। इस दिन तो भीड़ स्वर्ण भंडार देखने के लिए बेकाबू हो गई थी।
आलम यह है कि पुलिस की सख्ती के बाद भी लोग किले की ओर जाने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। यह अलग बात है कि लोग वहां तक पहुंचने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं।
डौंडिया खेड़ा में बुधवार को सन्नाटा था लेकिन पुलिसिया सख्ती कहीं से कम नहीं है। पुलिसकर्मी पूरी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाते रहे। कुछ लोगों ने नेतागिरी दिखाने की कोशिश की तो उन्हें सख्ती से वापस कर दिया गया।
नई सराय निवासी मनीष ने कहा कि 16 फीट के नीचे स्वर्ण भंडार मिलना तय है। जब तक न मिले कोई कुछ न बोले।
नार्वे की महिला पहुंची
नार्वे की कैथिनका उर्फ किट्टी बुधवार को कानपुर होते हुए डौंडिया खेड़ा पहुंचीं। फर्राटेदार हिंदी बोलने वाली किट्टी ने कहा कि समाचारों में 1000 टन सोना निकलने की जानकारी के बाद वह यहां आई हैं।
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