लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज यहां लोक भवन में सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-
वर्तमान में प्रदेश में 17 नगर निगम हैं। इनमें से 10 नगर निगमों यथा-लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, अलीगढ़, बरेली, झांसी, सहारनपुर एवं मुरादाबाद में केन्द्र एवं राज्य सरकार के 50ः50 प्रतिशत (मैचिंग ग्राण्ट) धनराशि के अंशदान के माध्यम से स्मार्ट सिटी मिशन योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी द्वारा बजट 2019-20 पर चर्चा के समय मा0 सदन की कार्यवाही के दौरान शेष 07 नगर निगमों यथा-मेरठ, गाजियाबाद, अयोध्या, फिरोजाबाद, गोरखपुर, मथुरा-वृन्दावन एवं शाहजहांपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किए जाने की घोषणा की गई थी।
पर्याप्त जलापूर्ति, सुनिश्चित विद्युत आपूर्ति, ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन सहित सफाई, सक्षम शहरी गतिशीलता और सार्वजनिक परिवहन, सक्षम आई0टी0 कनेक्टिविटी और डिजिटलाइजेशन, सुशासन, विशेषतः ई-गवर्नेन्स और नागरिक भागीदारी, स्वच्छ पर्यावरण, विशेषतः महिलाओं, बच्चों और वृद्ध नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा इत्यादि राज्य स्मार्ट सिटी के प्रमुख अवसंरचना में सम्मिलित हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2019-20 में राज्य स्मार्ट सिटी के विकास के लिए आय-व्ययक में 175 करोड़ रुपये की व्यवस्था कराई गई है। प्रत्येक राज्य स्मार्ट सिटी के लिए 50 करोड़ रुपये की धनराशि प्रतिवर्ष उपलब्ध कराई जानी है।
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मक्का की खरीद प्रदेश के 22 जनपदों-अलीगढ़, फिरोजाबाद, कन्नौज, एटा, मैनपुरी, कासगंज, बदायूं, बहराइच, फर्रूखाबाद, इटावा, हरदोई, कानपुर नगर, जौनपुर, कानपुर देहात, उन्नाव, गोण्डा, बलिया, बुलन्दशहर, ललितपुर, श्रावस्ती, हापुड़ एवं देवरिया में की जाएगी। मक्का विक्रय से पूर्व कृषक का पंजीयन तथा आॅनलाइन मक्का क्रय की प्रक्रिया अनिवार्य की गई है। मक्का की उतराई, छनाई, सफाई इत्यादि के खर्च के मद में कृषकों को अधिकतम 20 रुपये प्रति कुन्तल की दर से भुगतान किया जाएगा।
किसानों से मक्का की खरीद जोतबही/खाता नं0 अंकित कम्प्यूटराइज खतौनी, फोटोयुक्त पहचान पत्र, यथासम्भव आधार कार्ड के आधार पर तथा चकबन्दी ग्रामों में चकबन्दी सम्बन्धी संगत भू-लेख के आधार पर मक्का क्रय किया जाएगा। किसानों को मक्का के मूल्य का भुगतान आॅनलाइन आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से मक्का क्रय के 72 घण्टे के अन्दर उसके बैंक खाते में किया जाएगा। चेक के माध्यम से भुगतान को मान्यता नहीं दी जाएगी।
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ज्ञातव्य है कि जनपद जौनपुर में मेडिकल काॅलेज के निर्माण कार्य हेतु शासनादेश दिनांक 12 जनवरी, 2015 द्वारा प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। निर्माण कार्य प्रगति पर है। मेडिकल काॅलेज हेतु प्रधानाचार्य एवं शैक्षणिक संवर्ग के 47 पदों का सृजन किया जा चुका है तथा गैर-शैक्षणिक संवर्ग पदों के सृजन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
सोसाइटी के गठन से मेडिकल काॅलेज, जौनपुर के स्तर पर निर्णय की स्वायत्तता में वृद्धि होगी तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय लेने में लचीलापन आएगा। मेडिकल काॅलेज, जौनपुर को स्वायत्तता मिलने से शिक्षकों को नवस्थापित मेडिकल काॅलेज, जौनपुर में कार्य करने हेतु आकर्षित किया जा सकेगा।
वर्तमान में राजकीय मेडिकल काॅलेजों के चिकित्सा शिक्षकों एवं नर्सेज का चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग तथा पैरा-मेडिकल स्टाफ का चयन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से किया जाता है। इस चयन/नियुक्ति की प्रक्रिया में लगभग डेढ़ से 02 वर्ष का समय लगने के साथ ही समेकित भर्ती होने से छोटे शहरों में स्थित नए मेडिकल काॅलेजों में फैकल्टी द्वारा प्रायः योगदान नहीं किया जाता है, जिससे पठन-पाठन का कार्य प्रभावित होता है।
उल्लेखनीय है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा केन्द्र सहायतित योजना (फेज-1) के अन्तर्गत नवस्थापित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय जैसे-अयोध्या, बस्ती, बहराइच, फिरोजाबाद एवं शाहजहांपुर को सोसाइटी के माध्यम से सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। नवस्थापित मेडिकल काॅलेज, जौनपुर में फैकल्टी तथा नाॅन फैकल्टी के पदों पर भर्ती/नियुक्ति आदि की प्रक्रिया तीव्रगति से सम्पन्न किए जाने हेतु सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम-1860 के अधीन सोसाइटी के गठन का निर्णय लिया गया है।
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मंत्रिपरिषद ने जनपद कुशीनगर में राजकीय मेडिकल काॅलेज की स्थापना हेतु जनपद के ग्राम-रामपुर तप्पा-चैराबड़गांव, परगना-सिधुआ जोवना, तहसील-पड़रौना स्थित खतौनी खाता संख्या-00361 के गाटा संख्या-478, रकबा 1.50 एकड़, गाटा संख्या-479 रकबा 0.51 एकड़, गाटा सं0-480 रकबा 1.87 एकड,़ गाटा सं0-481 रकबा 2.19 एकड़, गाटा सं0-556 रकबा 3.26 एकड़, गाटा सं0-557 रकबा 1.70 एकड़, गाटा सं0-558 रकबा 1.50 एकड़, गाटा सं0-567 रकबा 1.38 एकड़ कुल 08 गाटा रकबा 13.91 एकड़ राजस्व विभाग की भूमि को चिकित्सा शिक्षा विभाग को निःशुल्क हस्तान्तरित किये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।
केन्द्र सहायतित योजना म्ेजंइसपेीउमदज व िछमू डमकपबंस ब्वससमहमे ंजजंबीमक ूपजी मगपेजपदह क्पेजतपबजध्त्ममिततंस भ्वेचपजंसे (फेज-3) के अन्तर्गत ब्ींससमदहम डवकम पर जिला चिकित्सालय को उच्चीकृतकर राजकीय मेडिकल काॅलेज बनाया जाना है।
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विशेष छूट के दावों का भुगतान वित्तीय वर्ष 2019-20 में पं0 दीन दयाल उपाध्याय खादी विपणन विकास सहायता के अन्तर्गत स्वीकृत 10 करोड़ रुपये की धनराशि से किया जाएगा। इसके लिए अलग से बजट व्यवस्था की आवश्यकता नहीं होगी। विशेष छूट से राज्य सरकार के ऊपर कोई अतिरिक्त व्ययभार नहीं पड़ेगा। यह योजना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 150वीं जयन्ती के उपलक्ष्य में मात्र चालू वित्तीय वर्ष के लिए ही लागू की गई है।
प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में खादी की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस कार्य में परम्परागत रूप से लगे धुनकर, कत्तिन, बुनकर, रंगरेज, दर्जी आदि कमजोर वर्ग के व्यक्तियों, जिनसे पास आय के अन्य साधन नहीं हैं, को रोजगार मिलता है। प्रदेश में खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड/आयोग से वित्तपोषित मान्यता प्राप्त खादी संस्थाएं खादी के उत्पादन व बिक्री के कार्य में लगी हुई हैं। प्रदेश में खादी उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विगत वर्षाें से संचालित बिक्री पर छूट आधारित योजना के स्थान पर उत्पादन पर छूट आधारित पं0 दीन दयाल उपाध्याय खादी विपणन विकास सहायता दिनांक 01 अक्टूबर, 2017 से प्रारम्भ की गयी है, जिसके अन्तर्गत खादी संस्थाओं को उत्पादन लागत पर 15 प्रतिशत सहायता अनुमन्य है। खादी संस्थाओं द्वारा स्वयं के स्रोत से 20 प्रतिशत छूट ग्राहकों को दिए जाने पर और 05 प्रतिशत की विशेष छूट फुटकर बिक्री पर दिए जाने से समेकित रूप से 25 प्रतिशत तक की छूट आम जनता को प्राप्त होगी।
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