
लखनऊ. प्रदेश की बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन करने के तमाम उपाय और तैयारियों के निर्देश देकर उपमुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग के मंत्री डॉ दिनेश शर्मा मंगलवार को जब औचक मुवायना करके असलियत जांचने के लिए पहुंचे तो वहां सबको पहले से ही खबर हो चुकी थी. मामला जौनपुर का है. डॉ शर्मा का हेलीकाप्टर लखनऊ से उडकर जब स्थानीय पुलिस लाइन में उतरा तो उनके स्वागत के लिए सरकारी अफसरों से लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ मौजूद थी. बाकायदा प्रोटोकाल का लाव लश्कर और पुष्प गुच्छ से उनका स्वागत हुआ. हैरान उप मुख्यमंत्री ने स्थानीय अधिकारियों से नाराजगी जाहिर की कि उनके आकास्मिक निरिक्षण की बात आखिर लीक कैसे हो गयी.
उपमुख्यमंत्री ने आधा दर्जन से ज्यादा ग्रामीण परीक्षा केन्द्रों के साथ ही जिला मुख्यालय पर बनाये गए मूल्यांकन केंद्र का भी मुवायना किया और लखनऊ लौट आये. ऐसी सूरत में नकल तो मिलनी नहीं थी और मिली भी नहीं.
जानकारी के मुताबिक़ लम्बे अरसे से नकल के लिए कुख्यात हो चुके राज्य में नकल रोकने के लिए उपमुख्यमंत्री ने इस बार काफी काम किया था और तय किया था कि असलियत जानने के लिए वे नोर्ड परीक्षा के पहले दिन ही किसी जिले के कुछ परीक्षा केन्द्रों का औचक मुवायना करेंगे. पूर्वांचल के आधा दर्जन जिलों में से किसी एक को चुनने की बात थी. कल देर शाम तय किया गया कि वे जौनपुर जाएंगे. जिला प्रशासन के साथ ही भाजपा के जिलाध्यक्ष को भी प्रोटोकाल की प्रति भेजी गयी. नतीजतन आज सुबह के कई अखबारों और जिले के दर्जनों व्हाट्सएप ग्रुप में यह खबर आम हो गयी. डॉ शर्मा जब सुबह साढ़े सात बजे पुलिस लाइन के हेलीपैड पर राजकीय हेलीकाप्टर से उतरे तो वहां जमावड़ा पहले से ही मौजूद था. यही नहीं आसपास के पूरे जिले के परीक्षा केन्द्रों तक उनके आकस्मिक छापे की खबर पहुँच चुकी थी.
जौनपुर के बाद उप मुख्यमंत्री ने दूसरी पाली की परीक्षा में नकल की स्थिति जानने के लिए गोंडा जाने का मन बनाया. डॉ दिनेश शर्मा का हेलीकाप्टर जौनपुर से उड़ा भी नहीं था कि गोंडा पुलिस लाइन में उनके स्वागत की तैयारियां होने लगीं और जिले के सभी परीक्षा केन्द्रों को खबर हो गयी कि उपमुख्यमंत्री कई स्थानों पर औचक छापा मार सकते हैं.
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