देवेन्द्र फडणवीस ने आरे मेट्रो शेड को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर साधा निशाना


फडणवीस ने कहा- यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद आरे मेट्रो शेड के काम पर रोक लगा दी है। उन्होंने आगे कहा कि यह दिखाता है कि राज्य सरकार मुंबई में इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए गंभीर नहीं है।

गौरतलब है कि इसस पहले, आरे को लेकर उद्धव ठाकरे ने कहा कि आरे जंगल में कोई पेड़ नहीं काटे जाएंगे। काम पूरी समीक्षा के बिना नहीं होगा। विकास होना है। मैं उसके खिलाफ नहीं हूं। हमने कोई विकास कार्य नहीं रोका है। महराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि आरे में पेड़ की कटाई नहीं होगी, लेकिन मेट्रो का काम जारी रहेगा। इसके अलावा केसरिया रंग के कपड़े पहनने से जुड़े सवाल पर ठाकरे ने कहा कि यह मेरा पसंदीदा रंग है। इसे किसी भी लौंड्री में धोया नहीं जा सकता।

क्या है ये पूरा विवाद?

गौरतलब है कि साल 2014 में शुरू हुए मुंबई मेट्रो प्रोजेक्ट का पहला चरण (वर्सोवा से घाटकोपर तक) जनता के लिए खुला तो बात विस्तार की चल निकली। विस्तार के लिए अब जरूरत पड़ी पार्किंग शेड की। 23,136 करोड़ रुपये की लागत से फ्लोर स्पेस इंडेक्स निर्माण को कहीं जगह की आवश्यकता पड़ी तो मेट्रो परियोजना से जुड़ी कंपनी को मुफीद लगी फिल्म सिटी गोरेगांव वाले इलाके की आरे कॉलोनी। इसे ही आरे के जंगल भी कहते हैं।

मेट्रोमैन ई श्रीधर ने भी महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखकर मेट्रो को इको फ्रेंडली बताया। बीएमसी से 26 सौ पेड़ काटने का आदेश हुआ तो पर्यावरण प्रेमी जनता खुलकर विरोध में आ गई। इस आग में घी का काम किया स्वर कोकिला लता मंगेशकर, श्रद्धा कपूर और रवीना टंडन जैसे फिल्मी सितारों द्वारा किए गए ट्वीट ने। इससे विरोध को धार मिली और शुरुआत हो गई एक मुहिम की, जिसका नाम था ‘सेव आरे’।


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